जामताड़ा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को एनआईसी सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अगले दो से तीन दिनों में प्रपत्र-6 के संग्रहण और डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अब तक मिले 8502 प्रपत्र-6

बैठक के दौरान समीक्षा में सामने आया कि जामताड़ा जिले के दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में अब तक कुल 8502 प्रपत्र-6 प्राप्त हुए हैं। उपायुक्त ने इस प्रगति को कम बताते हुए अधिकारियों से बूथवार स्थिति की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदान केंद्र से कम से कम 20 प्रपत्र-6 का संग्रहण और डिजिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले की प्रगति राज्य के औसत के अनुरूप हो सके।

ईआरओ और एईआरओ को नियमित समीक्षा का निर्देश

उपायुक्त आलोक कुमार ने सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एईआरओ) को बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के पर्यवेक्षकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई चर्चा और कार्रवाई का विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

सुनवाई, दस्तावेज सत्यापन और लंबित आवेदनों के निष्पादन पर जोर

समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने एसआईआर के तहत सुनवाई प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने, दस्तावेजों का सत्यापन करने और विभिन्न अंचलों में लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) को प्रत्येक 15 दिनों में एसआईआर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। इसका उद्देश्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर निर्वाचन संबंधी कार्यों को पूरा करना और मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाना है।

समय पर काम पूरा करने की हिदायत

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रपत्र-6 के संग्रहण, डिजिटाइजेशन और अन्य निर्वाचन संबंधी प्रक्रियाओं में समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और समयबद्ध कार्रवाई से कार्यों की प्रगति में सुधार लाया जाए।

जिला प्रशासन का जोर अब मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने पर है।