नई बरसा साइडिंग में फायरिंग के बाद राहुल दुबे गैंग के नाम से पोस्ट, घटनास्थल से 7 खोखे और 4 पर्चे बरामद
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में कोयला साइडिंग से जुड़े विवाद के बीच देर रात गोलीबारी की घटना सामने आई है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी ओपी अंतर्गत नई बरसा साइडिंग में सैनिक आउटसोर्सिंग कंपनी के मुख्य गेट पर तैनात गार्ड को हथियारबंद अपराधियों ने गोली मार दी। घटना में गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए रांची के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल से सात खोखे और चार पर्चे बरामद किए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आया है, जिसमें राहुल दुबे गैंग के नाम से गोलीबारी की जिम्मेदारी ली गई है। हालांकि, पोस्ट की प्रामाणिकता और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, अपराधियों ने देर रात कंपनी के मुख्य गेट पर तैनात गार्ड पर गोली चलाई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उरीमारी ओपी प्रभारी रथु उरांव ने गोलीबारी की पुष्टि की है। उनके अनुसार, पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में तीन अपराधियों की संलिप्तता की बात सामने आई है, जिनके राहुल दुबे गैंग से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। इस संबंध में अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। गोलीबारी के बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। इस दौरान सात खोखे और चार पर्चे बरामद किए गए। पुलिस ने सभी बरामद वस्तुओं को जब्त कर लिया है। अब जांच में इनकी भूमिका, गोलीबारी के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात के पीछे कोयला साइडिंग में कामकाज को लेकर कोई विवाद है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटना के बाद फेसबुक पर प्रकाश शुक्ला नाम के व्यक्ति की ओर से एक पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। पोस्ट में नई बरसा साइडिंग पर हुई गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई है। पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन, हजारीबाग के उपायुक्त और पुलिस अधिकारियों को भी टैग किया गया है। हालांकि, उरीमारी ओपी प्रभारी ने कहा कि उन्हें इस पोस्ट की जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने संबंधी संदेश की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पोस्ट के आधार पर घटना में किसी गिरोह की भूमिका को अभी अंतिम रूप से स्थापित नहीं माना जा सकता। सोशल मीडिया पोस्ट में सोनाराम मांझी और संजय करमाली पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट करने वाले व्यक्ति का आरोप है कि नई बरसा साइडिंग में कामकाज को लेकर बाहरी कंपनियों और स्थानीय स्तर पर विवाद की स्थिति है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऑक्शन के माध्यम से काम मिलने के बावजूद कुछ कंपनियों को कोयला उठाने और काम करने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। पोस्ट में इन गतिविधियों के पीछे सोनाराम मांझी और संजय करमाली की भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है। इन आरोपों को जांच के बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। पोस्ट में मुख्यमंत्री, हजारीबाग के उपायुक्त और पुलिस अधिकारियों को टैग कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा सियालडीह साइडिंग में भी इसी तरह की गतिविधियों की जांच कराने की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस के सामने घायल गार्ड पर हमले की वजह का पता लगाने, हमलावरों की पहचान करने और बरामद खोखों व पर्चों की जांच करने की चुनौती है। घटना में किसी गिरोह की वास्तविक भूमिका और सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।गेट पर तैनात गार्ड को बनाया निशाना
घटनास्थल से सात खोखे और चार पर्चे बरामद
राहुल दुबे गैंग के नाम से सोशल मीडिया पोस्ट
सोनाराम मांझी और संजय करमाली पर लगाए आरोप
सियालडीह साइडिंग की गतिविधियों की जांच की भी मांग















