झारखंड में BJP का ‘प्लान-B’! कोल्हान में JMM को चुनौती देने की तैयारी, हरेलाल महतो को मिली बड़ी जिम्मेदारी?
चांडिल/कोल्हान: झारखंड की राजनीति में कोल्हान को झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का मजबूत गढ़ माना जाता है। अब इस क्षेत्र में भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता जहां हेमंत सोरेन सरकार को राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय मुद्दों पर घेर रहे हैं, वहीं हरेलाल महतो को कुड़मी-महतो बहुल इलाकों में संगठन विस्तार की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। यदि यह रणनीति जमीन पर असर दिखाती है, तो कोल्हान की राजनीति में नए समीकरण उभर सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपाई सोरेन और मधु कोड़ा जैसे नेता अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने में सक्रिय हैं। दूसरी ओर, हरेलाल महतो के जरिए गांवों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, उन्हें किसी विशेष अभियान की औपचारिक जिम्मेदारी सौंपे जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ईचागढ़, खरसावां, जुगसलाई और सरायकेला जैसे इलाकों में कुड़मी-महतो समुदाय की राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। भाजपा के लिए इन क्षेत्रों में संगठन मजबूत करना आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है। हरेलाल महतो को इन इलाकों में सक्रिय किए जाने की चर्चा इसी संदर्भ में देखी जा रही है। उनके साथ-साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, पूर्व मंत्री भानुप्रताप शाही, सांसद विद्युत वरण महतो और सांसद ढुल्लू महतो जैसे नेताओं की भूमिका भी पार्टी के क्षेत्रीय विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हरेलाल महतो की राजनीतिक कार्यशैली का एक अहम पहलू गांवों में लोगों से सीधे संपर्क स्थापित करना बताया जाता है। स्थानीय समस्याओं को सुनना, ग्रामीणों के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखना और लोगों को संगठन से जोड़ना उनकी ताकत के रूप में देखा जाता है। पानी, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद के जरिए वे स्थानीय स्तर पर समर्थकों का नेटवर्क तैयार करते रहे हैं। उनकी राजनीति का यह तरीका भाषणों और बड़े मंचों के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर अधिक निर्भर दिखाई देता है। हालांकि, स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किसी राजनीतिक नेता की ओर से किए गए आश्वासन और वास्तव में हुए काम के बीच अंतर करना जरूरी है। इन प्रयासों का वास्तविक असर संबंधित क्षेत्रों में संगठन की स्थिति और लोगों के समर्थन से ही आंका जा सकता है। हरेलाल महतो ने 2019 के विधानसभा चुनाव में आजसू पार्टी के टिकट पर ईचागढ़ सीट से चुनाव लड़ा था। वह दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद 2019 से 2024 के बीच उन्होंने क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखा और संगठन विस्तार की कोशिश की। कुकड़ू प्रखंड के कूदा गांव और ईचागढ़ के टिकर गांव जैसे इलाकों में उनके समर्थकों का आधार बढ़ने की चर्चा रही है। इन क्षेत्रों को पहले झामुमो या स्थानीय प्रभावशाली नेताओं के मजबूत प्रभाव वाला माना जाता था। ऐसे इलाकों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाना हरेलाल महतो के लिए अहम उपलब्धि माना जा सकता है। उनकी इस कार्यशैली से भाजपा को कोल्हान में गांव स्तर पर संगठन मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किसी क्षेत्र में समर्थकों की मौजूदगी को सीधे चुनावी जीत की गारंटी नहीं माना जा सकता। हरेलाल महतो 11 अक्टूबर को भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में जगह मिली। पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी को कोल्हान में उनकी भूमिका बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में उनकी भागीदारी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ाई है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या पार्टी उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर कोई बड़ी भूमिका देने की तैयारी कर रही है। 26 अक्टूबर को संतरागाछी-जयपुर (खातीपुरा) एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन की शुरुआत के अवसर पर चांडिल स्टेशन पर हरेलाल महतो के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित किया। टाटानगर स्टेशन पर ट्रेन को सांसद विद्युत वरण महतो ने हरी झंडी दिखाई, जबकि चांडिल में भी इसे लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखा। बताया गया कि इस कार्यक्रम से पहले हरेलाल महतो खरसावां में एक फुटबॉल प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी को क्षेत्र में राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन कार्यक्रमों के लिए उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से विशेष निर्देश मिलने की बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चांडिल में ट्रेन के स्वागत कार्यक्रम के बाद हरेलाल महतो के पश्चिम बंगाल के पुरुलिया पहुंचने और वहां भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो से मुलाकात करने की चर्चा है। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भाजपा के संगठन विस्तार से जुड़े अनुभव झारखंड में भी उपयोगी हो सकते हैं। पुरुलिया, बांकुड़ा, मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जैसे क्षेत्रों में भाजपा के संगठनात्मक कामकाज और चुनावी अनुभवों को समझना झारखंड के सीमावर्ती इलाकों के लिए उपयोगी हो सकता है। लेकिन हरेलाल महतो की इस यात्रा का उद्देश्य और इसके पीछे पार्टी नेतृत्व की कोई विशेष रणनीति होने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। भाजपा के सामने कोल्हान में अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सरकार-विरोधी राजनीति के साथ यदि स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और गांवों में संगठन विस्तार को गति मिलती है, तो इसका असर क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। हरेलाल महतो की भूमिका इसी संभावित रणनीति का अहम हिस्सा हो सकती है। लेकिन भाजपा की कोशिश कितनी सफल होती है, यह आने वाले समय में संगठन की मजबूती, स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं के रुख से स्पष्ट होगा। फिलहाल कोल्हान में भाजपा की गतिविधियों और हरेलाल महतो की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक चर्चा को जरूर तेज कर दिया है।कोल्हान के कुड़मी-महतो बहुल इलाकों पर नजर
गांवों में संपर्क और स्थानीय मुद्दों पर जोर
2019 से 2024 तक ईचागढ़ में बनाई राजनीतिक जमीन
भाजपा में शामिल होने के बाद बढ़ी सक्रियता
चांडिल में नई ट्रेन के स्वागत कार्यक्रम में दिखी सक्रियता
पुरुलिया में भाजपा सांसद से मुलाकात की चर्चा
क्या कोल्हान में बदलेंगे सियासी समीकरण?















