बिरसा हरित ग्राम योजना (BHGY) के तहत विकसित आम बागानों ने हजारीबाग जिले में किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक नई मिसाल कायम की है। मनरेगा एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2018-19 से लगाए गए आम के बागानों में फल उत्पादन शुरू होने के बाद किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक विपणन अभियान चलाया।

वोकल फॉर लोकल  अभियान के तहत जिला प्रशासन और विभिन्न सहयोगी संस्थाओं ने समाहरणालय परिसर सहित कई प्रमुख स्थलों पर आम बिक्री स्टॉल स्थापित किए। साथ ही जिले के सभी 16 प्रखंडों में आम बागवानी मेलों का आयोजन कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित आमों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

प्रारंभिक चरण में समाहरणालय परिसर में सात दिनों तक संचालित आम बिक्री स्टॉल के माध्यम से 550 किलोग्राम आमों की बिक्री हुई। इसके बाद जिले के सभी प्रखंडों में लगाए गए स्टॉलों के जरिए कुल 15.2 टन आमों की बिक्री दर्ज की गई।

इस अभियान का मुख्य आकर्षण 12 से 14 जून 2026 तक हजारीबाग झील एम्फीथिएटर में आयोजित जिला स्तरीय आम उत्सव-सह-बागवानी मेला रहा। मेले में जिले के सभी प्रखंडों के स्टॉल लगाए गए  जहां आम के साथ-साथ आम आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों जैसे आम पन्ना जूस  अमावट  अचार  जेली और आम लड्डू का प्रदर्शन एवं विक्रय किया गया।

मेले में आम्रपाली  मालदा  मल्लिका  दशहरी  लंगड़ा  हापुस और अल्फांसो जैसी लोकप्रिय किस्मों के आमों ने लोगों को आकर्षित किया। भारी मांग को देखते हुए मेले की अवधि दो दिनों के लिए बढ़ा दी गई। मुख्य आम उत्सव के दौरान 3.82 टन आमों की बिक्री हुई।

जिला स्तरीय मेले और प्रखंड स्तरीय बिक्री स्टॉलों को मिलाकर कुल 19.03 टन (19028.75 किलोग्राम) आमों की बिक्री दर्ज की गई  जिससे किसानों को लगभग 8.65 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। बिक्री के मामले में आम्रपाली किस्म सबसे आगे रही  जिसकी 8984 किलोग्राम बिक्री हुई। वहीं मालदा  मल्लिका  दशहरी और लंगड़ा किस्मों की भी अच्छी मांग रही।

उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने कहा कि यह पहल किसानों को स्थायी और लाभकारी आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे  ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में लगातार वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। जिला प्रशासन ने इस सफलता को उत्पादन बढ़ाने  किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।