हजारीबाग: जिले के कोर्रा थाना क्षेत्र के हुरहुरू-पतरातू स्थित इंदु भिला में जमीन विवाद को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। रांची-पटना रोड की निवासी कनक कुमारी ने कुछ लोगों पर घर के परिसर में घुसकर मारपीट करने, कपड़े फाड़ने और दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को लिखित आवेदन देकर न्याय और अपने परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, आरोपित पक्ष ने महिला के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को जमीन विवाद से जुड़ा बताया है।

घर में घुसकर मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का आरोप

पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन के अनुसार, कथित घटना सुबह करीब आठ बजे की है। कनक कुमारी ने पंडल गोप उर्फ सुरेश गोप, उमेश कुमार यादव, जयनाथ महतो, रवि वर्मा समेत चार अज्ञात व्यक्तियों पर घर के परिसर में घुसकर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि इस दौरान उनके कपड़े फाड़े गए और उनके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें धमकी दी गई कि त्योहार चल रहा है और पुलिस भी नहीं आ पाएगी। इस कथित धमकी के कारण उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

आवेदन में महिला ने बताया है कि घटना के दौरान उनके पति गणेश कुमार वर्मा, बेटी संजना और पड़ोसी दीपक कुमार ने बचाव के लिए आगे आने की कोशिश की।

कार्रवाई नहीं होने पर विशाल विरोध रैली की चेतावनी

कनक कुमारी ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, परिवार को सुरक्षा देने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो वह विशाल विरोध रैली निकालने के लिए बाध्य होंगी।

आरोपित पक्ष ने आरोपों को बताया निराधार

दूसरी ओर, आरोपित पक्ष ने महिला द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। सुरेश यादव उर्फ पंडल यादव ने कहा कि संबंधित पक्ष के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनके अनुसार, मौके पर शोर-शराबा होने की जानकारी मिलने पर वह बीच-बचाव करने पहुंचे थे। उन्होंने किसी भी तरह की अभद्रता करने से इनकार किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

उमेश यादव ने भी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जमीन के मूल मालिक से जुड़े होने के कारण वह वहां केयरटेकर के रूप में आते-जाते हैं। उन्होंने घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया।

वहीं, जयनाथ महतो ने कहा कि वह महिला को नहीं जानते और जमीन के केयरटेकर के तौर पर वहां जाते हैं। उनका दावा है कि जमीन पर कब्जे और दस्तावेजों को लेकर विवाद है तथा इसी रंजिश में उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी सच्चाई

इस मामले में एक ओर महिला ने मारपीट, दुष्कर्म के प्रयास और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपित पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है, ताकि सभी पक्षों के दावों और आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल, पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। महिला की सुरक्षा संबंधी शिकायत और लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।