गुमला: आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2027 में जिले के विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त गुमला के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो की अध्यक्षता में बुधवार को डायट गुमला में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए पूरी प्रक्रिया को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया।
गौरतलब है कि इस वर्ष राज्य स्तरीय रैंकिंग में गुमला जिला मैट्रिक में प्रथम, इंटर आर्ट्स में प्रथम, विज्ञान में द्वितीय और वाणिज्य में तृतीय स्थान पर रहा। जिले के इस प्रदर्शन को अगले वर्ष भी बरकरार रखने के उद्देश्य से शैक्षणिक गतिविधियों को अभी से व्यवस्थित तरीके से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में एडीपीओ ज्योति खलखो, कार्यक्रम पदाधिकारी दिलदार सिंह, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अमृत मेटे, डायट संकाय सदस्य सुन्दरम भारद्वाज, जिला टास्क फोर्स समिति के सदस्य डॉ. कृष्ण कुमार, प्रमोद कुजूर, जयंत पांडे, दीपक राम और सुमित कुमार नंद सहित विषयवार शैक्षणिक कोर समिति के शिक्षक और जिले के विभिन्न माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।
शैक्षणिक कोर समिति को दी गई जिम्मेदारी
बैठक में जिला स्तरीय शैक्षणिक कोर समिति का आवश्यकतानुसार पुनर्गठन किया गया। समिति के शिक्षक सदस्यों को कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी में अभी से सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया।
कोर टीम को विषयवार और वर्गवार नोट्स, अभ्यास सामग्री तथा मॉडल प्रश्नपत्र तैयार कर नियमित रूप से विद्यालयों को उपलब्ध कराने को कहा गया। विद्यालयों में विद्यार्थियों से इन सामग्रियों का दैनिक अभ्यास कराने पर भी जोर दिया गया।
सितंबर में अर्धवार्षिक परीक्षा, नवंबर तक पूरा होगा पाठ्यक्रम
बोर्ड परीक्षा की तैयारी की समीक्षा के लिए सितंबर 2026 में अर्धवार्षिक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी और विषयवार कमजोरियों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार सुधारात्मक यानी रेमेडियल कक्षाएं और अतिरिक्त अभ्यास कराया जाएगा।
सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि नवंबर 2026 तक बोर्ड परीक्षार्थियों का पूरा सिलेबस अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद प्री-बोर्ड परीक्षा और पूरे पाठ्यक्रम के रिवीजन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
विद्यालयों में JAC पैटर्न आधारित प्रश्नों का नियमित अभ्यास, दैनिक गृहकार्य, प्रत्येक शनिवार छोटे टेस्ट और साप्ताहिक रिवीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अपडेटेड टाइम टेबल के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया गया।
हर विद्यार्थी की प्रगति पर रहेगी नजर
जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम अंतिम समय की तैयारी से नहीं, बल्कि नियमित और योजनाबद्ध अभ्यास से हासिल होता है। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में दैनिक अभ्यास, साप्ताहिक टेस्ट और रिवीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग देने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन कर सके, इसके लिए शिक्षकों को नियमित रूप से विद्यार्थियों की प्रगति की निगरानी करनी होगी। अभिभावकों तक बच्चों की प्रगति की जानकारी पहुंचाने के लिए PTM और विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने का निर्देश भी दिया गया।
ऑनलाइन शिक्षक और छात्र उपस्थिति पर भी जोर
बैठक में शिक्षक और छात्र उपस्थिति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त के निर्देश के अनुसार शिक्षकों की दो बार उपस्थिति और दैनिक ऑनलाइन छात्र उपस्थिति समय पर दर्ज करने को कहा गया।
इसके अलावा सावित्रीबाई फुले एवं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, APAAR ID, PEN संख्या, आधार सत्यापन समेत अन्य ऑनलाइन गतिविधियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
शिक्षकों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अमृत मेटे ने शिक्षकों को विद्यार्थियों में आत्मविश्वास विकसित करने, नियमित मार्गदर्शन देने और टीम भावना के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने तैयारी को परिणामपरक बनाने के लिए विद्यालय स्तर पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।















