धनबाद छाताबाद में छाताबाद भू-धंसान पर जिला प्रशासन और BCCL की ग्रामीणों के साथ मैराथन बैठक, आश्वासन तक सीमित रहा नतीजा
धनबाद: छाताबाद में भू-धंसान की समस्या को लेकर
गुरुवार को बाघमारा सभागार में जिला प्रशासन, बीसीसीएल अधिकारियों और प्रभावित
ग्रामीणों के बीच मैराथन बैठक हुई। बाघमारा के अंचल अधिकारी (CO) के नेतृत्व में हुई बैठक काफी हंगामेदार
रही। हालांकि, बैठक
में ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा तो हुई, लेकिन कोई स्पष्ट परिणाम नहीं निकल सका
और फिलहाल जिला प्रशासन एवं बीसीसीएल का आश्वासन ही सामने आया। बैठक
के दौरान कभी बीसीसीएल अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई तो कभी
भू-धंसान प्रभावित ग्रामीण आपस में ही उलझते नजर आए। ग्रामीणों की मुख्य मांग थी
कि प्रभावित क्षेत्र की खुदाई कर उसे मिट्टी से भराई की जाए। साथ ही यदि क्षेत्र
रहने योग्य नहीं है तो प्रभावित परिवारों को आसपास ही सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए,
ताकि उनका रोजगार और रोजमर्रा का जीवन
प्रभावित न हो। बीसीसीएल
एरिया तीन के महाप्रबंधक ने कहा कि केवल छाताबाद ही नहीं, बल्कि पूरे कोल बेयरिंग क्षेत्र में
रहने को लेकर जोखिम है। प्रभावित क्षेत्र की तकनीकी जांच की जिम्मेदारी IIT-ISM को दी गई है। उन्होंने बताया कि करीब 15
से 20 दिनों में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक
ने प्रभावित ग्रामीणों से फिलहाल सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील करते हुए कहा कि
लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए अटल क्लिनिक में
रहने और खाने की व्यवस्था कराई गई है। शुक्रवार को बीसीसीएल की एक
टीम प्रभावित क्षेत्र का सर्वे करेगी और स्थिति का आकलन करने के बाद आगे की
कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।बीसीसीएल महाप्रबंधक ने यह भी स्वीकार किया कि
क्षेत्र में अवैध खनन भू-धंसान
का एक अहम कारण है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल अवैध खनन
को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। पुनर्वास
के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि JRDA के तहत बेलगड़िया
में प्रभावित लोगों को बसाने की योजना है। वहीं बाघमारा के अंचल अधिकारी ने
कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी और जिला प्रशासन पूरे
मामले पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल
प्रभावित ग्रामीण बीसीसीएल की ओर से बनाए गए राहत शिविर में रह रहे हैं, जहां उनके लिए रहने और भोजन की व्यवस्था
की जा रही है। जिला प्रशासन की ओर से भी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर
बसाने को लेकर आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।हालांकि बैठक के बाद ग्रामीणों
की प्रमुख मांगों पर तत्काल कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। अब IIT-ISM की जांच रिपोर्ट और
बीसीसीएल के सर्वे के बाद ही छाताबाद के भू-धंसान प्रभावित
क्षेत्र को लेकर आगे की कार्रवाई की तस्वीर स्पष्ट होगी।















