चांडिल में विधिक जागरूकता शिविर, स्थायी लोक अदालत की भूमिका और कानूनी अधिकारों की दी गई जानकारी
चांडिल : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां की ओर से बुधवार को चांडिल प्रखंड कार्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित शिविर में आम लोगों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकारिता, कार्यप्रणाली और उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और यह जानकारी देना था कि विभिन्न सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए वे किस विधिक मंच का सहारा ले सकते हैं। शिविर में लोगों को बिजली, पानी, स्वच्छता समेत विभिन्न सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित शिकायतों और विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी मंचों के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जानकारी के अभाव में कई बार लोग अपनी शिकायतों के लिए सही मंच तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता शिविर लोगों को उनके अधिकारों और शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत, सरायकेला के सदस्य रोहित कुमार मिश्रा ने स्थायी लोक अदालत की अधिकारिता और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत एक सुलभ और कम खर्चीला मंच उपलब्ध कराती है। उन्होंने लोगों से बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित पात्र शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध विधिक मंचों का उपयोग करने की अपील की। साथ ही सेवा कनेक्शन और अन्य उपभोक्ता शिकायतों से संबंधित शिकायत निवारण मंचों की भी जानकारी दी गई। सहायक एलएडीसी, सरायकेला अंबिका चरण पाणि ने भी शिविर में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विधिक जागरूकता न्याय तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि उनकी समस्या के समाधान के लिए कौन-सा कानूनी मंच उपलब्ध है और वहां शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया क्या है। उन्होंने लोगों से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और अन्य उपलब्ध विधिक संस्थानों की सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक अनुपम सोलंकी भी मौजूद रहे। उन्होंने बैंक से जुड़े मामलों के सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान में लोक अदालत की भूमिका के बारे में जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि 29 अगस्त 2026 को मासिक लोक अदालत के साथ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विशेष लोक अदालत भी आयोजित की जाएगी। पात्र बैंक संबंधी मामलों के समाधान के लिए लोग इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर 2026 को किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि मामलों के आपसी समझौते और पूर्व-सुलह के लिए आवश्यक प्रक्रिया पहले से शुरू की जा चुकी है। लोगों से अपील की गई कि यदि उनके मामले लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किए जा सकते हैं, तो वे इस व्यवस्था का लाभ उठाएं। जानकारी के अनुसार, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला और अनुमंडलीय न्यायालय, चांडिल में किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सुलभ तरीके से विधिक सहायता और विवादों के समाधान का अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम में तलेश्वर रविदास ने भी विधिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ आसपास के लोगों को भी उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की जानकारी देने की अपील की। शिविर के दौरान लोगों ने विभिन्न विधिक मंचों और शिकायत निवारण की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी हासिल की। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि कानूनी जानकारी और सही मंच तक पहुंच के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।बिजली-पानी समेत सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों पर चर्चा
स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली समझाई
कानूनी सहायता लेने की प्रक्रिया बताई
29 अगस्त को यूनियन बैंक की विशेष लोक अदालत
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत
सरायकेला और चांडिल में होगा आयोजन














