चाईबासा  पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। चाईबासा पुलिस केंद्र में मंगलवार को भाकपा माओवादी संगठन से जुड़े चार नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इनमें 10 लाख रुपये का इनामी नक्सली सालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर भी शामिल है।आत्मसमर्पण कार्यक्रम में कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा, सीआरपीएफ के डीआईजी, पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू, सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी समेत पुलिस और सीआरपीएफ के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

चार नक्सलियों ने किया सरेंडर

पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों मेंसालुका कायम उर्फ भुवनेश्वर  सोनुवा थाना क्षेत्र के कुदाबुरु गांव निवासी, 10 लाख रुपये का इनामी। कोदोमुनी कोड़ा  टोंटो थाना क्षेत्र के रेंगड़ाहातु गांव निवासी, 1 लाख रुपये की इनामी। अनीता तामसोय  मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अंजेदबेड़ा गांव निवासी। पिंकीगोइलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा गांव निवासी। सभी ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

एक साल में 52 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

पुलिस के मुताबिक सितंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच पश्चिमी सिंहभूम क्षेत्र में 52 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 18 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए और 29 गिरफ्तार किए गए।इस अवधि में सुरक्षा बलों ने 49 हथियार, 9,214 कारतूस और 15 आईईडी भी बरामद किए हैं।

सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट नक्सल मुक्त

आत्मसमर्पण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोल्हान रेंज के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में रिकॉर्ड के अनुसार अब कोई नक्सली सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि सारंडा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है।डीआईजी ने दूसरे जिलों में जाकर छिपे नक्सलियों को भी आत्मसमर्पण करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि आत्मसमर्पण नहीं करने पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

नक्सलवाद के बाद पुलिसिंग पर जोर

नक्सलवाद के प्रभाव में कमी के बाद पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर डीआईजी ने कहा कि अब बेहतर पुलिसिंग पर जोर दिया जाएगा। आम जनता के साथ बेहतर संबंध और समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा ऐसी शक्तियों को पनपने का अवसर न मिले।