हजारीबाग शहर के बघवा तालाब, जिसे खजांची तालाब के नाम से भी जाना जाता है, के विकास की पहल तेज होने की उम्मीद है। तालाब के पास बची सार्वजनिक जमीन पर शेड निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना को सांसद मनीष जायसवाल ने समर्थन दिया है। उन्होंने इस कार्य के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराने की पहल की जानकारी दी। वहीं, उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने भी सार्वजनिक हित से जुड़े इस प्रयास में सहयोग का भरोसा जताया।

स्थानीय लोगों की पहल को सांसद का समर्थन

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि तालाब के पास उपलब्ध सार्वजनिक जमीन का उपयोग समाज के हित में किया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की पहल पर यहां शेड निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं का विकास करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। हालांकि, यदि स्थानीय लोग सामूहिक रूप से किसी सार्वजनिक स्थल को विकसित करने के लिए आगे आते हैं, तो ऐसी पहल को सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने इस कार्य में आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से योगदान देने वाले लोगों की सराहना की।

सांसद के अनुसार, सार्वजनिक स्थल का विकास किसी व्यक्ति विशेष के लाभ के लिए नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले और समाज की सुविधा के लिए होना चाहिए।

जमीन पर कब्जे की आशंका को लेकर चर्चा

बघवा तालाब के पास शेड निर्माण की योजना को लेकर पहले विरोध और प्रशासनिक आपत्ति की स्थिति सामने आने की बात कही गई थी। सांसद ने कहा कि संभव है कि कुछ लोगों को यह आशंका रही हो कि निर्माण के बहाने सरकारी जमीन पर कब्जा किया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का प्रयास करता है, तो उसका विरोध होना चाहिए और प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन सार्वजनिक उपयोग के लिए स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे प्रयास का आकलन तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।

उन्होंने सभी पक्षों से आपसी बातचीत के माध्यम से भ्रम दूर करने और सार्वजनिक हित से जुड़े इस प्रयास में सहयोग करने की अपील की।

बच्चों से बुजुर्गों तक को मिलेंगी सुविधाएं

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि शहरों में खुली जगह लगातार सीमित होती जा रही है। ऐसे में उपलब्ध सार्वजनिक स्थलों को बेहतर तरीके से विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बघवा तालाब के पास प्रस्तावित सुविधा इस तरह विकसित की जानी चाहिए कि बच्चों को खेलने का अवसर मिले, युवाओं और अन्य लोगों को बैठने की जगह उपलब्ध हो तथा बुजुर्ग भी शाम के समय वहां कुछ वक्त बिता सकें।

उन्होंने योजना तैयार करते समय सभी आयु वर्ग के लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया। साथ ही, जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत स्तर पर भी सहयोग करने की बात कही।

नगर निगम में भी उठा था मामला

उपमहापौर अविनाश कुमार यादव ने बताया कि इस स्थल को लेकर पहले नगर निगम में विरोध का मामला पहुंचा था। उस समय नगर निगम की ओर से नोटिस जारी होने के बाद वे भी मामले से जुड़े थे। उनके अनुसार, नगर निगम स्तर पर बातचीत के जरिए सहमति बनाने का प्रयास किया गया था।

उपमहापौर ने कहा कि उस समय उनके पास इस कार्य के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं था। ऐसे में सांसद मनीष जायसवाल की ओर से सांसद निधि से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराने की पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग भी इस स्थल के विकास के लिए सक्रिय हैं।

उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे किसी प्रकार की प्रशासनिक परेशानी न आए, इसके लिए संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच समन्वय बना रहेगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन का इस्तेमाल सार्वजनिक उद्देश्य के लिए होना चाहिए, ताकि पूरे मोहल्ले के लोगों को इसका लाभ मिल सके।

निर्माण से पहले जमीन और अनुमति की प्रक्रिया जरूरी

बघवा तालाब के पास शेड निर्माण और सौंदर्यीकरण की योजना से स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सार्वजनिक जमीन पर किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले जमीन की स्थिति, संबंधित विभाग की अनुमति और स्वीकृत योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं को स्पष्ट करना जरूरी है।

इससे भविष्य में विवाद की आशंका कम होगी और विकास कार्य को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

फिलहाल, स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रस्तावित कार्य कब शुरू होता है और शेड निर्माण व सौंदर्यीकरण के बाद बघवा तालाब के आसपास का सार्वजनिक स्थल किस रूप में विकसित होता है।