दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में सामने आए इस मामले ने नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़िता पहले से गर्भवती थी। आरोप है कि तीन लोगों ने उसे कार में बैठाकर अगवा किया और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के पास उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी उसे कलेक्ट्रेट चौराहे के पास छोड़कर फरार हो गए।

पीड़िता किसी तरह नवजात बच्ची को कपड़े में लपेटकर अस्पताल पहुंची। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।

कथित वारदात के दौरान हुआ प्रसव

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना रात के समय हुई। आरोप है कि तीन लोग पीड़िता को कार में ले गए और उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसी दौरान उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने बच्ची को जन्म दिया।

वारदात के बाद पीड़िता ने मदद मांगी। एक व्यक्ति की सहायता से वह अस्पताल पहुंच सकी। नवजात की मौत की पुष्टि के बाद चिकित्सकों ने नाबालिग का उपचार शुरू किया।

पहले भी शोषण किए जाने का आरोप

मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि एक आरोपी ने फरवरी और मई 2026 में भी नाबालिग का यौन शोषण किया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़िता के गर्भवती होने का संबंध भी इसी कथित शोषण से बताया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

अस्पताल पहुंची पुलिस, जांच जारी

घटना की सूचना मिलने के बाद कोलवा थाना प्रभारी मनोहर लाल दौसा जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस पीड़िता के बयान लेने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका, कथित अपहरण और पहले हुई घटनाओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

नाबालिग की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह मामला कथित यौन हिंसा के साथ एक नाबालिग की सुरक्षा और समय पर सहायता मिलने जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लाता है। फिलहाल पीड़िता अस्पताल में उपचाराधीन है और नवजात की मौत हो चुकी है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।