हजारीबाग केरेडारी कोल माइंस में ट्रांसपोर्टिंग विवाद
हजारीबाग जिले केकेरेडारी प्रखंड
क्षेत्र में स्थित
कोयला खनन परियोजना
में ट्रांसपोर्टिंग को लेकर विवाद
बढ़ गया है। बताया
जा रहा है कि ग्राम
पंचायत पांडु में संचालित
नकाश ट्रांसपोर्टिंग कंपनी
में डीजल की कमी को लेकर वाहन मालिकों
और कंपनी के बीच विवाद
हो गया।घटना रविवार
रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि वाहन मालिकों
द्वारा विरोध जताने
के दौरान मौके पर पहुंचे
Central Industrial Security Force सीआईएसएफ
के जवानों ने एक वाहन मालिक
की पिटाई कर दी जिससे
मामला और अधिक भड़क गया।ग्रामीणों
और विस्थापित हैवा ट्रक
मालिकों का आरोप है कि कोल ट्रांसपोर्टिंग
कंपनी मनमाने तरीके
से कार्य कर रही है और इस पूरे मामले
में NTPC Limited के अधिकारियों
की भी मौन सहमति
है।आरोप है कि इस घटना के दौरान
एक युवा हैवा मालिक
कार्तिक कुमार दास के साथ मारपीट
और दुर्व्यवहार किया गया। ग्रामीणों
का यह भी कहना है कि घटना के दौरान
जातिसूचक शब्दों का प्रयोग
किया गया जिससे
दलित समाज की भावनाएं
आहत हुई हैं।घटना
के बाद दलित समाज विस्थापित
परिवारों और हैवा मालिकों
में भारी आक्रोश
फैल गया। विरोध
स्वरूप ग्रामीणों ने मिलकर
कोयला परिवहन कार्य
को पूरी तरह बंद करा दिया।
ग्रामीणों की मांग है कि दोषी सीआईएसएफ
जवानों के खिलाफ
कार्रवाई की जाए और उन्हें
क्षेत्र से हटाया
जाए।ग्रामीणों का कहना है कि पिछले
तीन वर्षों से क्षेत्र
में India Reserve Battalion आईआरबी
के जवान तैनात
थे और उस दौरान
कभी कोई विवाद
नहीं हुआ। लेकिन
सीआईएसएफ की तैनाती
के कुछ ही दिनों
के भीतर इस तरह की घटना सामने
आने से लोगों
में नाराजगी है।मामले
को लेकर पगार OP प्रभारी
ने बताया कि इस संबंध
में आवेदन प्राप्त
हुआ है और मामले
की जांच की जा रही है।वहीं
पाण्डु पंचायत के पूर्व
मुखिया रब्बानी मियां
ने कहा कि जब तक पंचायत
के विस्थापित हैवा मालिकों
को न्याय नहीं मिल जाता तब तक क्षेत्र
में कोयला परिवहन
बंद रहेगा। ग्रामीणों
ने प्रशासन से निष्पक्ष
जांच कर दोषियों
के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
करने की मांग की है।














