देवघर पालोजोरी प्रखंड के पहरुडीह पंचायत में कार्यरत एक महिला रोज़गार सेविका ने पंचायत के मुखिया इंतियाज़ आलम पर मानसिक प्रताड़ना अभद्र भाषा के प्रयोग और सरकारी कार्यों में जान बूझकर बाधा उत्पन्न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि उनकी नियुक्ति पंचायत क्षेत्र में विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु की गई है लेकिन पंचायत के मुखिया द्वारा लगातार उनके कार्यों में हस्तक्षेप किया जाता है और अनावश्यक दबाव बनाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।रोज़गार सेविका का आरोप है कि मुखिया द्वारा कई बार अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है और जातिसूचक शब्दों के साथ गाली गलौज भी की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत भवन एवं अन्य कार्यस्थलों पर सरकारी दायित्वों के निर्वहन के दौरान उन्हें कार्य करने से रोका गया और धमकी दी गई।आवेदन में बताया गया है कि 28 फरवरी को सुबह लगभग 10:49 बजे व्हाट्सएप के माध्यम से ब्लॉक कार्यालय की टीम द्वारा सोशल ऑडिट एटीआर जियो टैगिंग केवाईसी और जीपी बाउंड्री अपलोडिंग से संबंधित निर्देश प्राप्त हुए थे। इन निर्देशों के अनुपालन हेतु जब वह पंचायत सचिवालय पहुंचीं तो उन्हें कार्य नहीं करने दिया गया।पीड़िता ने लिखा है कि इस तरह की घटनाओं से वह स्वयं को भयभीत और असुरक्षित महसूस कर रही हैं जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है।इस मामले की प्रतिलिपि उपायुक्त देवघर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी पालोजोरी को भी भेजी गई है। वहीं पालोजोरी थाना प्रभारी ने पीड़िता को आश्वस्त किया है कि आवेदन के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।