पाकुड़ में SHG भवन निर्माण पर सवाल
पाकुड़ जिले के
हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत शहरपुर गांव में बन रहे स्वयं सहायता समूह SHG केंद्र के निर्माण को लेकर गंभीर
अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन विकास की बजाय
भ्रष्टाचार का उदाहरण बनता जा रहा है जहां निर्माण मानकों की खुलेआम अनदेखी
की जा रही है।ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि निर्माण कार्य में नई ईंटों के
बजाय पुरानी और उखाड़ी गई ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं जंग लगे और पहले से
उपयोग किए गए सरिया का प्रयोग भी किया जा रहा है जिससे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो
रहे हैं।सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना पट नहीं
लगाया गया है। न ही योजना की लागत ठेकेदार का नाम या अन्य आवश्यक जानकारी
सार्वजनिक की गई है जिससे पूरी प्रक्रिया पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।ग्रामीणों
ने आरोप लगाया है कि मौके पर किसी भी अधिकारी या तकनीकी टीम की निगरानी नहीं है जिससे गुणवत्ता पूरी
तरह प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि बिना किसी उच्चस्तरीय मिलीभगत के इस तरह
का कार्य संभव नहीं है।यह मामला प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
अब सभी की निगाहें जिले की उपायुक्त मेघा भारद्वाज पर टिकी हैं कि वे इस मामले में
जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करती हैं या नहीं।ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण
कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो कार्यस्थल पर सूचना
पट लगाया जाए और घटिया निर्माण को रोककर मानक के अनुसार पुनर्निर्माण किया जाए।शहरपुर
का यह SHG भवन अब केवल एक
निर्माण परियोजना नहीं बल्कि सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल
खड़ा करने वाला मुद्दा बन गया है।















