हजारीबाग शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र सदानंद मार्ग में सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और उससे लाखों रुपये की आय अर्जित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विष्णुपुरी कदमा निवासी योगेन्द्र कुमार ने हजारीबाग नगर निगम के नगर आयुक्त उपायुक्त अनुमंडल पदाधिकारी तथा उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 1990 में तत्कालीन नगरपालिका परिषद द्वारा प्रस्ताव संख्या-2 के तहत राजेश कुमार गुप्ता को मात्र 300 वर्ग फीट 30 फीट × 10 फीट भूमि 50 रुपये मासिक किराये पर 10 वर्षों के लिए बंदोबस्त की गई थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि बंदोबस्ती की अवधि वर्ष 2000 में समाप्त हो चुकी है इसके बावजूद उक्त भूमि के नाम पर करीब एक एकड़ से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया है।आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से सरकारी भूमि पर आवासीय भवन दो मंजिला संरचना मिठाई दुकान तालाब और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस परिसर में 10 से 12 दुकानें बनाकर विभिन्न लोगों को किराये पर दी गई हैं जिनसे प्रतिमाह लाखों रुपये की आय प्राप्त की जा रही है।शिकायत पत्र में परिसर में संचालित विभिन्न दुकानों का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उन्होंने स्वयं भी इसी परिसर में एक दुकान किराये पर ली थी जिसके बाद उन्हें भूमि संबंधी तथ्यों की जानकारी मिली।योगेन्द्र कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।फिलहाल यह मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है। प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब लोगों की नजर नगर निगम और जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।