देवघर जिले के चितरा कोलियरी स्थित वर्कशॉप परिसर में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस धूमधाम से मनाया गया। संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित कर मजदूर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की गई। इसके बाद श्रमिकों ने लाल झंडा फहराया और गगनभेदी नारों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।सभा को संबोधित करते हुए श्रमिक नेता पशुपति कोल ने मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दिन शिकागो के उन शहीदों को समर्पित है जिन्होंने 8 घंटे काम के अधिकार के लिए अपना बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि आज भी मजदूरों के अधिकारों को सीमित करने की कोशिशें हो रही हैं जिसके खिलाफ संघर्ष जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित चार नए श्रम कोड के विरोध में भी जोरदार आवाज उठाई गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ये नीतियां पूंजीपतियों के हित में हैं और मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मजदूरों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।सभा के समापन के बाद चितरा वर्कशॉप से एक भव्य रैली निकाली गई। रैली में शामिल श्रमिकों ने मजदूर एकता जिंदाबाद और श्रम कोड वापस लो जैसे नारे लगाते हुए अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाई।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों की भी भागीदारी देखने को मिली जो मजदूर एकता का मजबूत संदेश देती है। इस अवसर पर पशुपति कोल योगेश राय बालदेव महतो अभिषेक यादव सहित कई श्रमिक नेता और सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे।