हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में दो मासूम सगे भाई बहन के अपहरण और निर्मम हत्या की दिल दहला देने वाली वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। विशेष जांच दल एसआईटी ने घटना के मुख्य आरोपी संजीत कुमार पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ओला शोरूम में कार्यरत था और बच्चों से परिचय का फायदा उठाकर उन्हें अपने साथ ले गया था।जानकारी के अनुसार 27 मई को कटकमदाग थाना क्षेत्र के ओला शोरूम के समीप रहने वाली 11 वर्षीय बच्ची और उसका 3 वर्षीय भाई अचानक लापता हो गए थे। काफी खोजबीन के बाद बच्चों के पिता मो. आमिर ने 30 मई को कटकमदाग थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक अभियान अमित कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया।जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में ओला शोरूम का कर्मचारी संजीत पासवान दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।इसी बीच सिंदूर स्थित श्मशान घाट के पास से बच्ची का शव बरामद हुआ। एफएसएल और डॉग स्क्वायड की सहायता से साक्ष्य जुटाए गए। बाद में श्मशान घाट से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएं से तीन वर्षीय बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि बच्चों से उसकी पहचान थी और वह अक्सर उन्हें खाने-पीने के लिए पैसे देता था।27 मई को उसने दोनों बच्चों को अच्छा खाना खिलाने घूमाने और नया मोबाइल दिलाने का लालच देकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और सिंदूर श्मशान घाट की ओर ले गया।पुलिस के अनुसार आरोपी ने सुनसान स्थान पर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। रोध और शोर मचाने पर उसने बच्ची की हत्या कर दी तथा शव को झाड़ियों में छिपा दिया।आरोपी को डर था कि तीन वर्षीय बच्चा उसे पहचान लेगा और घर जाकर घटना की जानकारी देगा। इसी आशंका में उसने बच्चे की भी हत्या कर दी और शव को प्लास्टिक की बोरी में बंद कर पास के कुएं में फेंक दिया।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही परघटना में प्रयुक्त स्कूटी JH 02 BH 8804 प्लास्टिक की बोरी अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।महज 24 घंटे के भीतर इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में एएसपी अमित कुमार एसडीपीओ अमित आनंद डीएसपी ज्ञान रंजन सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज कुमार तथा तकनीकी शाखा के कई पुलिस अधिकारी शामिल थे।इस घटना ने पूरे हजारीबाग जिले को झकझोर दिया है। स्थानीय लोग आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।