सरायकेला काशी साहू कॉलेज निर्माण विवाद
सरायकेला के काशी साहू महाविद्यालय परिसर
में बन रहे नए भवन के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। निर्माण कार्य में
भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।जानकारी के
अनुसार भवन निर्माण में तीन अलग-अलग प्रकार की
ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। शुरुआत में लाल ईंट से निर्माण कार्य शुरू किया
गया लेकिन बाद में अचानक निम्न गुणवत्ता वाली
फ्लाई ऐश ईंटों का उपयोग होने लगा। इस पर जब स्थानीय लोगों ने विरोध जताया तो अब निर्माण कार्य ब्लॉक्स कंक्रीट ब्लॉक
से कराया जा रहा है।अब सबसे
बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि फ्लाई ऐश ईंटों से जो हिस्सा पहले ही बन चुका है, उसका क्या होगा? क्या उस
हिस्से को तोड़कर दोबारा निर्माण किया जाएगा या उसे वैसे ही छोड़ दिया जाएगा बताया जा रहा है कि जिस संवेदक (ठेकेदार) को यह निर्माण कार्य
दिया गया है, उस पर पहले भी घटिया ईंटों के इस्तेमाल का
आरोप लग चुका है। उस समय विरोध के बाद जांच हुई थी और कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद एक बार फिर वही संवेदक विवादों में घिर गया
है।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में बाहरी बंगाल मजदूरों को
लाकर काम कराया जा रहा है,
जबकि स्थानीय युवाओं और मजदूरों
को रोजगार से वंचित रखा गया है।अब लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं क्या
इस निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच होगी क्या घटिया निर्माण को तोड़कर दोबारा काम
कराया जाएगा क्या
स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा अगर समय
रहते इस मामले की जांच नहीं की गई, तो भविष्य
में यह भवन सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा बन सकता है।















