सीवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र स्थित बरोहा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई खूनी झड़प के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. इस घटना में दो लोगों की मौत के बाद अब राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. शुक्रवार को भाकपा माले की जांच टीम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना को बेहद दुखद बताया और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए.

जमीन विवाद में दो लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार बरोहा गांव में लंबे समय से जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद चल रहा था. गुरुवार शाम विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया  जिसमें 60 वर्षीय शंकर भगत और 62 वर्षीय बांका सिंह कुशवाहा की मौत हो गई. वहीं मैनेजर भगत गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं और उनका इलाज जारी है.

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में कई बार पंचायत कर समझौते की कोशिश हुई थी  लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका. गुरुवार को भी समझौते की बातचीत चल रही थी  तभी दोनों पक्ष विवादित जमीन पर पहुंच गए और देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया.

FIR दर्ज नहीं  फिर भी पुलिस कार्रवाई

घटना के बाद अब तक किसी भी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है. इसके बावजूद पुलिस ने हिरा सिंह और सेठ सिंह नामक दो लोगों को हिरासत में लिया है.

भाकपा माले ने सरकार पर साधा निशाना

भाकपा माले नेताओं ने कहा कि प्रशासन समय रहते जमीन विवादों में हस्तक्षेप नहीं करता जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. पार्टी ने दोनों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने और घायल व्यक्ति के बेहतर इलाज की मांग की है. जांच टीम में जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया  पूर्व विधायक अमरनाथ यादव समेत कई नेता शामिल थे.

गांव में पुलिस कैंप जांच जारी

घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. नौतन थाना पुलिस लगातार कैंप कर रही है और मामले की जांच में जुटी हुई है. थाना प्रभारी जित मोहन कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. फिलहाल हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है.

एक मृतक का अंतिम संस्कार

पोस्टमार्टम के बाद शंकर भगत का अंतिम संस्कार कर दिया गया  जबकि दूसरे मृतक बांका सिंह कुशवाहा का दाह संस्कार समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सका था. घटना के बाद गांव के कई लोग घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं.