नई दिल्ली: लोकसभा में हंगामे और तीखी बहस के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन बिल ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। बिल पर लंबी चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक हुई। इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ।

बिल पारित होने की घोषणा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। इसके बाद सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।

विपक्ष बिल पर राजनीति कर रहा है: जितेंद्र सिंह

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बिल पेश करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है।

जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा सदन में इस्तेमाल की गई भाषा संसदीय मर्यादा के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने युवाओं को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि देश के युवाओं को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

राहुल गांधी के बयान पर मंत्री का पलटवार

बिल पर चर्चा के दौरान जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के हालिया बयानों और 21 जुलाई की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गए थे और यह व्यवहार उनके पद के अनुरूप नहीं था।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में बहस के दौरान भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है।

‘गोली चलाने का आदेश’ देने के आरोप पर भी जवाब

छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सदन में उठाए गए आरोपों पर भी जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब गोली चली ही नहीं तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था की ऐसी स्थिति में गोली चलाने का आदेश देने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि संबंधित मजिस्ट्रेट के पास होता है।

पेपर लीक पर सरकार का बड़ा कदम

एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में सरकार के महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। लोकसभा में बिल पारित होने के बाद अब इस पर आगे की संसदीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।