अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार 15 मई से देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में पेट्रोल 3 रुपये महंगा होकर 97  रुपये प्रति लीटर पहुंच गया  जबकि डीजल की कीमत 90 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं सीएनजी के दाम में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार  मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल सप्लाई पर संकट गहरा गया है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है  इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर देश के आम लोगों पर पड़ता है। सूत्रों के मुताबिक  तेल कंपनियां पहले से ही भारी नुकसान झेल रही थीं। कंपनियों का दावा है कि पेट्रोल और डीजल पर उन्हें रोजाना हजारों करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा था। सरकार ने टैक्स में कटौती कर आम जनता को राहत देने की कोशिश की है  वरना पेट्रोल डीजल की कीमतें दो से तीन गुना तक बढ़ सकती थीं। सरकार ने लोगों से ईंधन बचाने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्राएं कम करने  सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ाने और अनावश्यक ईंधन खर्च से बचने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।