कटनी जिले की कूड़ो ग्राम पंचायत अंतर्गत पारधी बस्ती में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है। गांव के लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं  जिससे बच्चों और बुजुर्गों समेत कई ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घर घर नल योजना के तहत दो साल पहले पाइपलाइन बिछा दी गई थी  लेकिन आज तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। बस्ती में रहने वाली महिलाओं ने बताया कि गांव में मौजूद एकमात्र हैंडपंप से बेहद गंदा पानी निकलता है। शुरुआत में सफेद पानी आता है लेकिन कुछ ही देर में उसमें मिट्टी और लाल रंग का गंदा पानी आने लगता है। मजबूरी में लोग उसी पानी को कई घंटों तक रखकर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीण महिला जलम बाई ने बताया कि हैंडपंप का पानी इतना गंदा है कि उसे दो दिन तक जमा करके रखना पड़ता है ताकि नीचे कचरा बैठ जाए। इसके बाद ही पीने लायक बनता है। वहीं जलेखा नाम की महिला ने बताया कि उन्होंने कई बार अपने खर्चे पर हैंडपंप सुधरवाया लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार  दूषित पानी पीने से गांव में पथरी और अन्य बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई लोगों का ऑपरेशन तक करवाना पड़ा है। गर्मी बढ़ने के कारण आसपास की नदी भी सूख चुकी है  जिससे पानी का संकट और गहरा गया है। महिलाओं ने बताया कि दूसरी बस्तियों में पानी मांगने जाने पर लोगों द्वारा भगा दिया जाता है। गांव में करीब हजार लोग रहते हैं  लेकिन पानी का कोई स्थायी इंतजाम नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द साफ पेयजल उपलब्ध कराने और घर घर नल योजना को शुरू करने की मांग की है।