कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के बाद सायोनी घोष एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उनके सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक अटकलों को और हवा दे दी है। चर्चा है कि संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में सायोनी घोष को भी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, अभी तक उनकी मंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

PM मोदी से मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद सायोनी घोष ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर साझा की और इस मुलाकात को यादगार बताया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके संभावित प्रमोशन को लेकर चर्चा तेज हो गई।

बताया जा रहा है कि बीजेपी नेतृत्व युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी क्रम में सायोनी घोष का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में है।

33 साल की उम्र में बड़ी जिम्मेदारी की अटकलें

27 जनवरी 1993 को जन्मी सायोनी घोष फिलहाल 33 वर्ष की हैं। वह पश्चिम बंगाल की जादवपुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। अभिनेत्री और गायिका के तौर पर पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और अब संसद तक पहुंची हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा है कि बीजेपी अगर उन्हें केंद्र में मंत्री पद देती है, तो इससे युवा मतदाताओं और खासकर नई पीढ़ी के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने का संदेश दिया जा सकता है।

टीएमसी छोड़ने के बाद हुई थीं ट्रोल

सायोनी घोष के टीएमसी छोड़कर बीजेपी में आने के बाद उनके पुराने राजनीतिक बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हुई थी। अब प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मंत्री बनाए जाने की चर्चा फिलहाल राजनीतिक सूत्रों और अटकलों पर आधारित है। बीजेपी की ओर से सायोनी घोष को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

कुणाल घोष ने साधा निशाना

सायोनी घोष समेत टीएमसी से अलग होकर बीजेपी के करीब पहुंचे सांसदों की प्रधानमंत्री मोदी के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अब देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता इन नए चेहरों को लेकर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

फिलहाल सायोनी घोष की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि बीजेपी उन्हें वास्तव में कोई बड़ी जिम्मेदारी देती है या नहीं।