हजारीबाग: सावन का महीना शुरू हो चुका है और मानसून को भी कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन हजारीबाग में अब तक अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं। जहां झारखंड के कुछ हिस्सों और देश के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं हजारीबाग में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
समय पर पर्याप्त बारिश नहीं होने का सीधा असर धान की खेती और रोपाई पर पड़ रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण कई किसान धान की रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
बारिश नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित
किसानों का कहना है कि जिस अनुपात में बारिश होनी चाहिए थी, उस हिसाब से पानी नहीं बरसा है। धान की खेती के लिए खेतों में पर्याप्त पानी की जरूरत होती है, लेकिन बारिश कम होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है।
जिन किसानों के पास निजी या वैकल्पिक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, वे किसी तरह खेतों में धान की रोपाई शुरू कर चुके हैं। वहीं, बारिश पर निर्भर किसानों के सामने अभी भी परेशानी बनी हुई है।
किसान कर रहे हैं वैकल्पिक सिंचाई का इस्तेमाल
स्थानीय किसानों के मुताबिक बारिश नहीं होने के कारण उन्हें फिलहाल हैंडमेड पटवन और निजी सिंचाई साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ समय और मेहनत भी अधिक लग रही है।
किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और पर्याप्त बारिश होने से खेतों में धान की रोपाई का काम तेजी पकड़ेगा।
बारिश के इंतजार में किसान
सावन के बावजूद कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान की फसल के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में किसानों की नजर अब आसमान पर टिकी है।














