दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Delhi Metro Rail Corporation ने 15 मई से राजधानी की पहली हाइड्रोजन पावर्ड शटल बस सर्विस शुरू कर दी है। यह बस सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में केंद्रीय सचिवालय से सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन के बीच चलेगी। डीएमआरसी ने यह पहल ऐसे समय में शुरू की है  जब ईंधन बचत और वैकल्पिक ऊर्जा को लेकर देशभर में जोर दिया जा रहा है। यह हाइड्रोजन बस Indian Oil Corporation की ओर से उपलब्ध कराई गई है  जबकि इसे टाटा मोटर्स  ने विकसित किया है। यह 12 मीटर लंबी बस हाइड्रोजन पावर्ड PEM फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसमें 350 बार हाइड्रोजन स्टोरेज सिस्टम और 70 kW फ्यूल सेल लगाया गया है  जो बस को ऊर्जा प्रदान करता है। बस में 35 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। सुरक्षा और स्मार्ट फीचर्स की बात करें तो इसमें इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम  स्टेबिलिटी कंट्रोल  GPS आधारित ट्रैकिंग  CCTV  कैमरे और एडवांस टेलीमैटिक्स सिस्टम दिए गए हैं। यह बस सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 8 बजे से 12 बजे और दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। सर्विस कर्तव्य भवन  विज्ञान भवन  निर्माण भवन अकबर रोड  बड़ौदा हाउस नेशनल स्टेडियम  नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स और इंडिया गेट जैसे प्रमुख इलाकों को कवर करेगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाहनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनसे प्रदूषण लगभग नहीं के बराबर होता है। यही वजह है कि इसे पेट्रोल  डीजल और CNG के मुकाबले ज्यादा पर्यावरण अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बड़े स्तर पर हाइड्रोजन बसें चलाने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और फ्यूल सप्लाई नेटवर्क तैयार नहीं है। फिर भी  दिल्ली जैसे प्रदूषण प्रभावित शहरों में यह पहल भविष्य के ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम की दिशा में बड़ा बदलाव मानी जा रही है।