गिरिडीह: आस्था के महापर्व छठ से पहले गिरिडीह के पपरवाटांड स्थित छठ घाट की जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसके खिलाफ विरोध जताया। मौके पर जुटी महिलाओं ने विरोध करते हुए जमीन पर लगाए गए खूंटे और खंभे उखाड़ दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पपरवाटांड के एकमात्र छठ घाट की जमीन पर कब्जा कर निर्माण करने की कोशिश की जा रही है।

किसी भी हाल में अतिक्रमण नहीं होने देंगे: मुखिया

मुखिया शिवनाथ साव ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में पपरवाटांड छठ घाट की जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों को पिछले वर्ष भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद छठ घाट की जमीन पर कच्चा मकान बना दिया गया। मुखिया के अनुसार, इस मामले में सीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को लिखित आवेदन दिया जा चुका है। उन्होंने छठ घाट को सुरक्षित रखने के लिए जल्द कार्रवाई की मांग की।

धार्मिक आस्था से जुड़ा है छठ घाट: कामेश्वर पासवान

मौके पर पहुंचे भाजपा नेता कामेश्वर पासवान ने कहा कि पपरवाटांड का यह एकमात्र छठ घाट है। ऐसे धार्मिक स्थल पर अतिक्रमण का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने लोगों से छठ महापर्व की मर्यादा बनाए रखने की अपील की। वहीं, मौके पर बड़ी संख्या में जुटे ग्रामीणों ने प्रशासन से हस्तक्षेप कर घाट की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।

CCL महाप्रबंधक को सौंपा गया मांग पत्र

ग्रामीणों और स्वामी विवेकानंद छठ पूजा समिति के प्रतिनिधियों ने सीसीएल बनियाडीह के महाप्रबंधक को आवेदन सौंपकर छठ घाट की जमीन की सुरक्षा की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि पपरवाटांड कॉलोनी और ग्रामीण बस्ती के पास सुखनी नदी/नाले के किनारे स्थित सीसीएल की जमीन पर पहले भी अतिक्रमण का प्रयास हुआ था, जिसे अधिकारियों ने हटाया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब दोबारा जमीन घेरकर निर्माण की कोशिश की जा रही है।

इस मामले में ग्रामीणों ने उपायुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी और मुफस्सिल थाना प्रभारी को भी आवेदन की प्रतिलिपि भेजी है। उन्होंने संबंधित जमीन की जांच कराते हुए जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि छठ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।