SIR प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का आरोप, BJP ने हेमंत सरकार को घेरा, आदित्य साहू बोले- ‘बांग्लादेशियों को वोटर बनाने की साजिश’
रांची: झारखंड में SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम जोड़ने का आरोप लगाते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार हमला बोला है। रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि संथाल परगना के कई इलाकों में फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के तहत JMM-कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और अधिकारियों की कथित मिलीभगत से घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है। पार्टी ने पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत करने की बात कही है। बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर मामले को लेकर कोर्ट का रुख किया जाएगा। बीजेपी नेताओं के मुताबिक, संथाल परगना में मतदाता सूची में कथित तौर पर फर्जी तरीके से नाम जोड़ने का मामला सामने आया है। पार्टी का दावा है कि कुछ लोगों के नाम ऐसे दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में शामिल किए गए, जिनकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया की गंभीरता से जांच की जरूरत है, क्योंकि मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने इस मुद्दे को लेकर हेमंत सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बांग्लादेशियों को वोटर बनाने की साजिश की जा रही है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ और वोट बैंक के लिए JMM-कांग्रेस की ओर से तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। बीजेपी उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित फर्जी वोटरों से जुड़े नाम और दस्तावेज सामने रखने का दावा किया। पार्टी का कहना है कि इन मामलों की जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी हुई। बीजेपी ने संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी केवल व्यक्तिगत स्तर पर नहीं हो सकती और इसमें अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। पार्टी ने दावा किया कि कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण घुसपैठियों को संरक्षण मिल रहा है। बीजेपी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता सूची की गहन समीक्षा की मांग की है। बीजेपी ने कहा कि पार्टी मतदाता सूची से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामलों को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष जाएगी। पार्टी संबंधित दस्तावेज और शिकायत चुनाव आयोग को सौंपने की तैयारी में है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल होने या पात्र मतदाता का नाम हटने की स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। बीजेपी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती है। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए वह हर कानूनी और लोकतांत्रिक मंच पर अपनी बात रखेगी। SIR प्रक्रिया को लेकर बीजेपी के आरोपों के बाद झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ बीजेपी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रही है, वहीं पूरे मामले में अब चुनाव आयोग और संबंधित प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले में चुनाव आयोग की जांच या प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति क्या है।संथाल परगना में फर्जी दस्तावेजों से नाम जोड़ने का आरोप
आदित्य साहू ने लगाया ‘बांग्लादेशियों को वोटर बनाने’ का आरोप
राकेश प्रसाद ने दिखाए कथित फर्जी वोटरों के नाम
अधिकारियों की मिलीभगत का भी लगाया आरोप
चुनाव आयोग के पास जाएगी बीजेपी
जरूरत पड़ी तो कोर्ट का भी रुख करेगी पार्टी
SIR को लेकर झारखंड में गरमाई राजनीति














