नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की मजबूत GDP वृद्धि दर्ज की है। GDP के ताजा आंकड़ों को लेकर भाजपा ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की सराहना की है। भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध, खाड़ी संकट और सप्लाई चेन में व्यवधान के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि दुनिया के कई देशों को आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तेल आपूर्ति से लेकर वैश्विक सप्लाई चेन तक पर दबाव रहा, इसके बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है।

वैश्विक संकट के बीच भारत की ग्रोथ पर जोर

भाजपा सांसद ने कहा कि फरवरी से खाड़ी क्षेत्र में पैदा हुए संकट के कारण तेल आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर असर पड़ा। इसके साथ ही दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध और अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि इन तमाम चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि कई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर रही।

प्रसाद के मुताबिक, इसी अवधि में कनाडा की आर्थिक वृद्धि करीब 1.5 प्रतिशत, जर्मनी की 1 प्रतिशत, ब्रिटेन की 2.1 प्रतिशत, मलेशिया की करीब 6 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया की 3.7 प्रतिशत रही।

‘भारत की स्थिति बाकी देशों से बेहतर’

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि खाड़ी संकट, युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बनी परिस्थितियों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। इसके बावजूद भारत ने आर्थिक मोर्चे पर अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन किया है।

उन्होंने इस प्रदर्शन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्र सरकार के आर्थिक प्रबंधन को दिया। भाजपा नेता ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत का मजबूत विकास देश की आर्थिक क्षमता को दर्शाता है।

मैन्युफैक्चरिंग में 9.2% की वृद्धि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अर्थव्यवस्था के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन को GDP वृद्धि के प्रमुख कारणों में से एक माना जा रहा है। इसके अलावा वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन आंकड़ों ने आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत दिया है।

RBI के अनुमान से बेहतर रहा GDP आंकड़ा

अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि का आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान से बेहतर रहा। इससे आर्थिक विकास को लेकर सरकार और भाजपा नेताओं का उत्साह बढ़ा है।

भाजपा ने GDP के आंकड़ों को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती का संकेत बताया है। वहीं, विपक्ष पहले ही GDP वृद्धि के बावजूद रोजगार, महंगाई और आम लोगों तक आर्थिक विकास के लाभ पहुंचने जैसे मुद्दों पर सवाल उठा चुका है।

आर्थिक प्रदर्शन पर सियासी बहस तेज

GDP के 7.8 प्रतिशत वृद्धि आंकड़े सामने आने के बाद अब इसके प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष जहां इसे सरकार की आर्थिक नीतियों और भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का प्रमाण बता रहा है, वहीं विपक्ष विकास की गुणवत्ता और उसके लाभ के समान वितरण पर सवाल उठा रहा है।

ऐसे में आने वाले दिनों में GDP ग्रोथ, रोजगार, महंगाई और आम लोगों की आय जैसे मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच सियासी बहस और तेज होने की संभावना है।

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