हजारीबाग: शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मेन रोड स्थित पानी टंकी चौक के पास गड्ढे के कारण ई-रिक्शा पलटने की घटना सामने आई है। सड़क पर मौजूद गड्ढे के कारण टोटो अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद एक बार फिर शहर की मुख्य सड़कों की मरम्मत और उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के मुताबिक, पानी टंकी चौक के आसपास पिछले कुछ दिनों से सड़क की स्थिति खराब है और यहां लगातार शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

एक ही जगह पर बार-बार हादसे का दावा

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ दिन पहले इसी स्थान पर एक एम्बुलेंस के फंसने की घटना सामने आई थी। इससे पहले भी एक टोटो के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही जा रही है। अब उसी जगह एक और ई-रिक्शा पलटने की घटना के बाद लोगों की नाराजगी बढ़ गई है।

लोगों का सवाल है कि अगर सड़क की स्थिति पहले से खराब थी और लगातार शिकायतें मिल रही थीं, तो स्थायी रूप से सड़क को दुरुस्त क्यों नहीं किया गया।

महापौर के निरीक्षण और मरम्मत के बाद भी सवाल

सड़क की खराब स्थिति को लेकर नगर निगम के महापौर अरविंद राणा के सड़क पर उतरने और मरम्मत कार्य कराने का भी जिक्र स्थानीय लोग कर रहे हैं।

बताया गया कि इंद्रपूरी चौक से खिरगांव तक सड़क के गड्ढों को भरने और मरम्मत का काम कराया गया था। कुछ स्थानों पर पैवर ब्लॉक भी लगाए गए थे। इसके बावजूद पानी टंकी चौक के आसपास ई-रिक्शा पलटने की घटना ने मरम्मत की गुणवत्ता और उसके स्थायित्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

'ऊपर से गड्ढा भरना स्थायी समाधान नहीं'

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के गड्ढों को सिर्फ ऊपर से भर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उनका सवाल है कि यदि मरम्मत के कुछ ही समय बाद उसी जगह वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने लगें तो ऐसे पैचवर्क का क्या फायदा है।

लोगों ने मांग की है कि सड़क की केवल तत्काल मरम्मत करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निर्माण कराया जाए। साथ ही जलजमाव और जलनिकासी की समस्या का भी समाधान किया जाए, ताकि सड़क दोबारा जल्द खराब न हो।

सोशल मीडिया पर भी लोगों की नाराजगी

सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय स्तर पर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सड़क के गड्ढों और जलजमाव की तस्वीरें और वीडियो साझा कर नगर निगम और जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछ रहे हैं।

इमली कोठी के पास स्थानीय लोगों द्वारा थाली बजाकर विरोध प्रदर्शन किए जाने की बात भी सामने आई है। प्रदर्शन के जरिए लोगों ने प्रशासन का ध्यान शहर की बदहाल सड़क और नागरिक सुविधाओं की ओर खींचने का प्रयास किया।

करीब 107 करोड़ की सड़क परियोजना का भी सवाल

हजारीबाग में सड़क सुधार को लेकर बड़ी परियोजनाएं भी चल रही हैं। मई 2026 में भारत माता चौक से सिंदूर बाइपास तक करीब 9.5 से 9.8 किलोमीटर मुख्य सड़क के पुनर्निर्माण, मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के लिए करीब 107 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास हुआ था।

हालांकि, शहर के भीतर रोजाना इस्तेमाल होने वाली सड़कों पर गड्ढों की समस्या बनी रहना लोगों के लिए चिंता का विषय है।

अब स्थायी समाधान की मांग

हजारीबाग में सड़क की स्थिति को लेकर पहले भी यातायात और नागरिक सुविधाओं से जुड़े सवाल उठते रहे हैं। पानी टंकी चौक की ताजा घटना ने एक बार फिर इस बहस को तेज कर दिया है।

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