दुमका: उप राजधानी दुमका के रानेश्वर प्रखंड में शिव मंदिर तक जाने वाले जर्जर मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए पीसीसी पथ निर्माण कार्य सोमवार से शुरू कर दिया गया। लेकिन निर्माण स्थल पर कनीय अभियंता या किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी नहीं होने से कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रानेश्वर बाजार से साप्ताहिक हाट परिसर होते हुए रानेश्वर शिव मंदिर तक जाने वाला यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। प्रत्येक रविवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में सैकड़ों गांवों के लोग खरीदारी और व्यापार के लिए पहुंचते हैं। वहीं सावन के महीने में श्रद्धालुओं की भीड़ और गाजन मेले के दौरान इसी रास्ते से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।
ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सुरक्षा और सुविधा को प्रभावित कर सकती है।
निर्माण स्थल पर लगी सूचना पट्टिका के अनुसार, यह योजना झारखंड सरकार के 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित की जा रही है। योजना का नाम ग्राम रानीग्राम में दुमका-सिउड़ी मुख्य मार्ग से रानेश्वर शिव मंदिर तक पीसीसी पथ निर्माण अंकित है। योजना की प्राक्कलित राशि 4 लाख 90 हजार 400 रुपये है। कार्य का संवेदक भवेश मांझी हैं, जबकि योजना में जिला परिषद अध्यक्ष दुमका श्रीमती जॉयेस बेसरा का नाम अंकित है।
मामले को लेकर जब जिला परिषद के कार्यरत एसडीओ से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना नहीं थी, अन्यथा साइट पर अधिकारी मौजूद रहते।
हालांकि, स्थानीय निवासी और बाजार से जुड़े व्यापारियों ने इस जवाब पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बिना तकनीकी निगरानी के शुरू हुआ निर्माण कार्य भविष्य में कमजोर साबित हो सकता है और इससे सरकारी राशि का सही उपयोग भी प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल:
निर्माण स्थल पर कनीय अभियंता और तकनीकी पर्यवेक्षण का अभाव।
निर्माण सामग्री और कार्य गुणवत्ता की निगरानी को लेकर पारदर्शिता पर सवाल।
प्रमुख बाजार और मंदिर मार्ग होने के कारण सुरक्षा और आवागमन का मुद्दा।
विभागीय समन्वय और सूचना व्यवस्था में कमी।
स्थानीय समाज और व्यापारियों ने जिला परिषद तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द स्थल निरीक्षण कराया जाए और कनीय अभियंता की मौजूदगी में गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।














