जम्मू: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य के दर्जे को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठा रही है, वहीं दूसरी ओर अब जम्मू को अलग पूर्ण राज्य बनाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

इसी कड़ी में जम्मू स्टेट मूवमेंट द्वारा आयोजित 'संकल्प दिवस' कार्यक्रम में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने भी खुलकर समर्थन दिया।

शिवसेना (UBT) ने किया समर्थन का ऐलान

कार्यक्रम में शिवसेना (UBT) की जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख मनीष साहनी अपने समर्थकों के साथ शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जम्मू क्षेत्र के सम्मान, समान अधिकार और बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से जम्मू क्षेत्र के साथ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर उपेक्षा होती रही है और अब क्षेत्र के लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो रहे हैं।

20 जुलाई को निकलेगा बड़ा जनआंदोलन

जम्मू स्टेट मूवमेंट ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को महाराजा हरि सिंह प्रतिमा स्थल से एक विशाल जनआंदोलन निकाला जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक, इस आंदोलन का उद्देश्य जम्मू को अलग पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना है। इसके लिए विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों से भी समर्थन जुटाया जा रहा है।

युवाओं और समाज के सभी वर्गों से अपील

आंदोलन से जुड़े नेताओं ने युवाओं, छात्रों, व्यापारिक संगठनों, कर्मचारी संगठनों, महिला समूहों और सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

उनका कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जम्मू के भविष्य, सम्मान और अधिकारों से जुड़ा विषय है।

राज्य के दर्जे पर बढ़ी सियासी हलचल

जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद से राज्य के दर्जे को लेकर लगातार राजनीतिक बहस जारी है। अब एक ओर जहां जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य बनाने की मांग उठ रही है, वहीं दूसरी ओर जम्मू को अलग राज्य बनाने की आवाज भी तेज होती दिखाई दे रही है।

20 जुलाई को होने वाले प्रस्तावित आंदोलन पर सभी राजनीतिक दलों और लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। इससे यह भी स्पष्ट होगा कि इस मांग को जनसमर्थन कितना मिलता है।