रामगढ़ :  चुटूपालू घाटी में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एनएचएआई और जिला प्रशासन की ओर से दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बावजूद लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। मंगलवार को एक बार फिर तेज रफ्तार ट्रेलर का ब्रेक फेल होने के बाद भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें ड्राइवर और खलासी की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, रांची से हजारीबाग की ओर जा रहा एक ट्रेलर चुटूपालू घाटी में अचानक ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हो गया। ट्रेलर में सरिया लदा हुआ था। अनियंत्रित वाहन सड़क से नीचे गहरे गड्ढे में जा गिरा, जिससे उसमें सवार ड्राइवर और खलासी की मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रामगढ़ पुलिस और एनएचएआई की टीम ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर तक पहुंचकर ड्राइवर और खलासी को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। गहरे गड्ढे में वाहन गिरने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाई हुई। वाहन को बाहर निकालने के लिए टीम की ओर से दूसरा रास्ता बनाने का प्रयास भी किया गया।

बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर चुटूपालू घाटी में यह चौथी सड़क दुर्घटना है। इससे पहले दो दिन पूर्व भी रामगढ़ के डीएसपी का परिवार रांची से रामगढ़ आ रहा था, तभी हुए हादसे में डीएसपी की मौसी की मौत हो गई थी और चार अन्य लोग घायल हुए थे।

वहीं, सूत्रों के अनुसार 4 सितंबर 2026 को चुटूपालू घाटी में हुए सड़क हादसे में एक रेलवे कर्मी की भी मौत हुई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी जयवंती तिर्की ने रामगढ़ थाना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने एनएचएआई के मैनेजर और संबंधित कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

लगातार हो रहे हादसों के बीच चुटूपालू घाटी की सड़क सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।