नई दिल्ली: चेक बाउंस से जुड़े मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिली है। 15 सितंबर 2026 को सुनवाई के दौरान अदालत ने उन्हें दो सप्ताह का अंतिम अवसर देते हुए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम से कम 2 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने का निर्देश दिया।

अदालत ने राजपाल यादव से बाकी बकाया राशि के भुगतान का ठोस प्रस्ताव पेश करने और अपना पासपोर्ट जमा कराने को भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अभिनेता को दिया गया अंतिम अवसर है।

तीन जजों की बेंच ने की सुनवाई

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। सुनवाई के दौरान राजपाल यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जुड़े थे।

रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अभिनेता से सीधे सवाल नहीं किए। उनके वकील की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद उन्हें दो सप्ताह का समय दिया गया।

सुनवाई के दौरान बेंच ने उनके पिछले आचरण को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की और कहा कि उनके रिकॉर्ड को देखते हुए उन पर भरोसा करना मुश्किल है। अदालत ने अभिनेता की पेशेवर पृष्ठभूमि का संदर्भ देते हुए उनकी अदालती दलीलों पर भी टिप्पणी की।

इसके बावजूद कोर्ट ने उनके वकील के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए उन्हें अंतिम अवसर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। मामले के अनुसार, वर्ष 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग लिया था।

बाद में वर्ष 2013 में हुए सेटलमेंट के तहत करीब 1.05 करोड़ रुपये के सात चेक जारी किए गए। आरोप है कि ये चेक बाउंस हो गए। कंपनी की ओर से दावा किया गया है कि समझौते के मुताबिक ब्याज समेत बकाया राशि बढ़कर करीब 11 करोड़ रुपये हो गई है।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

इस मामले से जुड़े मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2026 में राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में तीन महीने की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभिनेता की ओर से बकाया राशि का भुगतान करने की बात कही गई। उनके वकील ने अदालत को बताया कि राजपाल यादव कुछ संपत्तियां बेचकर रकम जुटाने की कोशिश करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक:

  • राजपाल यादव को दो सप्ताह के भीतर कम से कम 2 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने होंगे।
  • बाकी बकाया राशि के भुगतान का ठोस प्रस्ताव देना होगा।
  • अपना पासपोर्ट सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करना होगा।
  • सरेंडर से मिली छूट को 5 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाया गया है।
  • मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।

इससे पहले 8 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त के साथ राजपाल यादव को सरेंडर से राहत दी थी। अब अदालत ने जमा की जाने वाली न्यूनतम राशि को घटाकर 2 करोड़ रुपये किया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है।

अब अगली सुनवाई में यह देखा जाएगा कि अदालत के निर्देश के मुताबिक रकम जमा की गई या नहीं और बाकी बकाया के भुगतान को लेकर क्या प्रस्ताव पेश किया जाता है।