नई दिल्ली: भारत और पोलैंड अपने रणनीतिक रिश्तों को व्यापारिक अवसरों और तकनीकी सहयोग में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। गुरुवार, 22 अक्टूबर को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बातचीत में रक्षा क्षेत्र, निवेश, उभरती तकनीक, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक हालात जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक अगस्त 2024 में दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिए जाने के बाद सहयोग को आगे बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। 

रक्षा और तकनीक में साझेदारी बढ़ाने पर नजर

भारत और पोलैंड के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग वार्ता का अहम विषय रहा। पोलैंड अपनी रक्षा विनिर्माण क्षमता और तकनीकी विशेषज्ञता के जरिए भारतीय उद्योग के साथ साझेदारी बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है। संभावित सहयोग में रक्षा उपकरण, तकनीक और संयुक्त उत्पादन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

अंतरिक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी, उभरती तकनीकों और स्वच्छ ऊर्जा में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में साझेदारी से कंपनियों और उद्योगों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। 

6 अरब डॉलर के कारोबार को बढ़ाने की कोशिश

भारत-पोलैंड संबंधों में आर्थिक सहयोग भी प्रमुख प्राथमिकता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार करीब 6 अरब डॉलर के स्तर पर है और इसे बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने की महत्वाकांक्षा है।

नई दिल्ली में आयोजित भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम के जरिए दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों को निवेश और व्यापार के नए अवसर तलाशने का मंच मिला। यूरोपीय संघ के साथ भारत के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से भी भविष्य में आर्थिक संबंधों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

2024 में बनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की कवायद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त 2024 में पोलैंड का दौरा किया था। इसी यात्रा के दौरान भारत और पोलैंड के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला हुआ। दोनों देशों ने 2024-2028 के लिए सहयोग की कार्ययोजना भी तैयार की थी।

डोनाल्ड टस्क का मौजूदा दौरा इसी साझेदारी को व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क जैसे व्यावहारिक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का अवसर है। टस्क 2010 में भी पोलैंड के प्रधानमंत्री के रूप में भारत आ चुके हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष के तौर पर भारत का दौरा किया था। 

यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया पर भी चर्चा

दोनों प्रधानमंत्रियों की बातचीत में क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम भी शामिल रहे। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे मुद्दे भारत और पोलैंड के लिए अहम हैं। ऐसे समय में उच्चस्तरीय वार्ता का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना भी है।

दिल्ली के बाद बेंगलुरु जाएंगे टस्क

भारत दौरे के अगले चरण में डोनाल्ड टस्क 23 अक्टूबर को बेंगलुरु जाएंगे। वहां वे आईटी, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों के कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। बेंगलुरु में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम भी आयोजित किया जाना है।

कुल मिलाकर, इस दौरे का फोकस दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद रणनीतिक साझेदारी को अधिक ठोस आर्थिक और औद्योगिक सहयोग में बदलना है। आने वाले समय में इसकी दिशा व्यापार, रक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में होने वाली प्रगति से तय होगी।