रेलवे का काम बना आफत... एक परिवार के सिर से छिन गई छत
धनबाद : बाघमारा के महुदा
क्षेत्र में रेलवे के निर्माण कार्य के दौरान एक मकान के क्षतिग्रस्त होने का
मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पदुगोड़ा रेलवे क्रॉसिंग (बीजी-20)
के पास निर्माणाधीन रेलवे अंडरपास के
लिए पानी निकासी पाइपलाइन की खुदाई के दौरान पोकलेन मशीन से मकान की नींव के बेहद
करीब तक खुदाई की गई, जिससे
घर की दीवारों और जमीन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि मकान की
स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसमें रहना सुरक्षित नहीं है। घटना के समय परिवार
के सभी सदस्य घर से बाहर थे, जिससे
कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, सिंगड़ा पंचायत अंतर्गत लखनपुर बीजी-19
रेलवे क्रॉसिंग के समीप नाले और
पाइपलाइन निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान स्थानीय निवासी गौतम महतो के घर में दरारें आने
की घटना सामने आई। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और ग्रामीणों ने
निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया। पीड़ित गौतम महतो ने बताया कि निर्माण
कार्य शुरू होने से पहले उन्हें किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई। उनका आरोप है कि
पोकलेन मशीन से घर की दीवार के बिल्कुल समीप तक खुदाई की गई, जिससे पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया।
उनका यह भी कहना है कि बाद में खुदाई वाले हिस्से को मिट्टी से भर दिया गया,
लेकिन इससे मकान की स्थिति में कोई
सुधार नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलने पर दक्षिण पूर्व
रेलवे, महुदा के सहायक मंडल
अभियंता (एडीईएन) बिनोद पाण्डेय मौके पर पहुंचे और
क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण किया। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक पीड़ित परिवार को
किसी राहत, मुआवजे या वैकल्पिक
आवास की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण
कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया। उन्होंने रेलवे
प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, सुरक्षित आवास और क्षतिग्रस्त मकान की
स्थायी व्यवस्था की मांग की है। समाचार
प्रकाशित किए जाने तक दक्षिण पूर्व रेलवे का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका। सहायक मंडल अभियंता
बिनोद पाण्डेय से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। रेलवे का
पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।














