कोडरमा: डोमचांच निवासी विकास कुमार, पिता महेश प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने पैतृक जमीन विवाद को लेकर रिश्तेदारों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने दावा किया कि उनके दादा स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद के नाम वर्ष 1973 में खरीदी गई 16 डिसमिल जमीन की बिक्री पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
रामेश्वर प्रसाद के अस्तित्व पर उठाए गए सवालों का किया खंडन
विकास कुमार ने कहा कि उनके रिश्तेदार रमेश कुमार यह दावा कर रहे हैं कि रामेश्वर प्रसाद नाम का कोई व्यक्ति था ही नहीं। उन्होंने इसे पूरी तरह भ्रामक बताते हुए कहा कि कई आधिकारिक दस्तावेज रामेश्वर प्रसाद के अस्तित्व की पुष्टि करते हैं।
उनके अनुसार, अशोक चौधरी के शैक्षणिक प्रमाणपत्र में पिता का नाम रामेश्वर प्रसाद दर्ज है। इसके अलावा पूर्व मुखिया सुरेश कुमार और निवर्तमान वार्ड पार्षद द्वारा जारी वंशावली सहित अन्य दस्तावेज भी इस तथ्य की पुष्टि करते हैं।
सभी कानूनी प्रक्रिया के बाद हुई जमीन की बिक्री
विकास कुमार ने बताया कि विवादित जमीन के मूल दस्तावेज में चार लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनमें उनके दादा के हिस्से में 16 डिसमिल भूमि आई थी। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह जमीन बीएड कॉलेज के संस्थापक हिमांशु कुमार को बेची गई।
रिश्तेदारों पर लगाए आरोप
विकास कुमार ने आरोप लगाया कि जमीन बेचने से पहले उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी इसे खरीदने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्हें केवल एक लाख रुपये लेकर मामला छोड़ देने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि इसके बाद खरीदार हिमांशु कुमार ने सभी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर जमीन की खरीदारी की।
अंचल अधिकारी और न्यायालय की रिपोर्ट का हवाला
प्रेस वार्ता के दौरान विकास कुमार ने दावा किया कि डोमचांच अंचल अधिकारी की जांच रिपोर्ट और न्यायालय की रिपोर्ट में आपत्तिकर्ता के आरोपों को भ्रामक एवं तथ्यहीन बताया गया है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले में उनके पास पर्याप्त दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हैं और वे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखते रहेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंकज कुमार, रंजीत कुमार सहित अन्य लोग भी मौजूद थे।














