धनबाद: जिले के नावाडीह स्थित किडनी केयर हॉस्पिटल के बाहर मंगलवार को उस वक्त हंगामा हो गया, जब करंट से झुलसे एक कर्मी के इलाज के लिए मुआवजे की मांग को लेकर उसके परिजन और ग्रामीण अस्पताल के सामने पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर घायल कर्मी के आगे के इलाज का खर्च नहीं देने का आरोप लगाया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, गोविंदपुर के मिल्लत नगर निवासी एजाज अंसारी पिछले करीब डेढ़ वर्षों से अस्पताल में गेट-ग्रील का काम कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, 3 सितंबर को अस्पताल की छत पर काम करने के दौरान एजाज 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज तार की चपेट में आ गए। हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गए।

परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने एजाज का प्राथमिक उपचार कराया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें बोकारो के बीजीएच में भर्ती कराया गया। हालांकि, इसके बाद इलाज में होने वाले खर्च के लिए अस्पताल प्रबंधन ने आर्थिक मदद देने से इनकार कर दिया।

इलाज का खर्च नहीं मिलने से नाराज परिजन और ग्रामीण मंगलवार को अस्पताल पहुंचे और मुख्य गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए इलाज का खर्च और उचित मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।

ग्रामीणों का कहना है कि एजाज लंबे समय से अस्पताल में काम कर रहे थे। ऐसे में हादसे के बाद उनके समुचित इलाज की जिम्मेदारी से अस्पताल प्रबंधन को पीछे नहीं हटना चाहिए। ग्रामीणों ने घायल कर्मी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

फिलहाल परिजन और ग्रामीण अस्पताल प्रबंधन से एजाज अंसारी के इलाज का पूरा खर्च उठाने और उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह देखना बाकी है।