जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 243 में एक ही मकान के पते पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज होने के मामले को लेकर भाजपा और स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण ने इरफान अंसारी के आरोपों पर पलटवार करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और मतदाता सूची के भौतिक सत्यापन की मांग की है।

सुमित शरण ने कहा कि भाजपा न तो मतदाता सूची तैयार करती है और न ही चुनावी प्रक्रिया का संचालन करती है। पार्टी की भूमिका केवल इतनी है कि मतदाता सूची में यदि कोई असामान्य या संदेहास्पद तथ्य सामने आता है, तो उसे निर्वाचन आयोग के संज्ञान में लाया जाए।

उन्होंने कहा कि बूथ संख्या 243 में एक ही पते पर 54 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। भाजपा ने किसी भी मतदाता को गलत या फर्जी नहीं बताया है, बल्कि निर्वाचन आयोग से पूरे मामले का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सभी 54 मतदाता वास्तव में उसी मकान में निवास करते हैं, तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। वहीं, यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या गलत प्रविष्टि है, तो उसे नियमानुसार ठीक किया जाना चाहिए।

सुमित शरण ने इरफान अंसारी से सवाल किया कि यदि मतदाता सूची पूरी तरह सही है, तो निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन की मांग का विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 54 मतदाताओं के एक पते पर दर्ज होने के मामले की जांच को राजनीतिक साजिश बताना जनता को गुमराह करने जैसा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा किसी जाति, धर्म या समुदाय के मतदाता के अधिकार के खिलाफ नहीं है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए, जबकि अपात्र या गलत प्रविष्टियों की जांच भी नियमानुसार होनी चाहिए।

सुमित शरण ने कहा कि यह तय करना भाजपा या इरफान अंसारी का काम नहीं है कि एक ही पते पर 54 मतदाताओं का दर्ज होना सामान्य है या नहीं। इसका निर्णय तथ्यों के आधार पर निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाना चाहिए।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से बूथ संख्या 243 सहित ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की, ताकि मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों और संदेह को दूर किया जा सके।