हजारीबाग में खासमहल की जमीन पर विवाद, नाली तोड़ने और पेड़ उखाड़ने का आरोप
हजारीबाग: हजारीबाग के खासमहल क्षेत्र में नाली
बंद करने और जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए दिनकर नगर और सूर्या
नगर के स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में
उपायुक्त को आवेदन सौंपकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 14 अक्टूबर
2026 को जेसीबी मशीन से
नाली तोड़कर बंद करने का प्रयास किया गया। साथ ही, विवादित जमीन पर पेड़ों को नुकसान
पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार,
दिनकर नगर और सूर्या नगर के दक्षिणी
हिस्से में हुरहुरू क्षेत्र स्थित प्लॉट संख्या 874 के आसपास लगभग एक एकड़ खाली जमीन है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि दोनों मोहल्लों का पानी नगर निगम की ओर से बनाई गई
नाली से होकर निकलता है। आवेदन में आरोप लगाया
गया है कि 14 अक्टूबर
को सुबह करीब 11 बजे
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के कुछ लोग जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे और नाली तोड़कर
बंद करने का प्रयास किया। इसकी जानकारी मिलने पर दोनों मोहल्लों के निवासी और अन्य
स्थानीय लोग वहां पहुंचे। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, विरोध के बाद जेसीबी को वहां से हटा
दिया गया। आवेदन में वार्ड पार्षद विकास यादव के मौके पर मौजूद रहने का भी उल्लेख
किया गया है। आवेदन में आगे दावा
किया गया है कि कुछ देर बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपने समर्थकों के साथ मौके
पर पहुंचे। इसके बाद जमीन पर पंडाल लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। शिकायतकर्ताओं के
अनुसार, योगेंद्र साव ने अपने
बेटे की शादी के लिए उक्त जमीन पर पंडाल लगाने की बात कही और जमीन को अपने नाम का
बताया। हालांकि, जमीन
के स्वामित्व को लेकर संबंधित दस्तावेजों और दोनों पक्षों के बयानों की स्वतंत्र
पुष्टि उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों ने
आवेदन में आरोप लगाया है कि विवादित स्थल पर जेसीबी की मदद से कई पेड़ों को उखाड़ा
गया। उन्होंने जमीन की स्थिति और स्वामित्व की जांच कराने के साथ-साथ पेड़ों को
नुकसान पहुंचाने के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने
संबंधित जमीन को गैरमजरुआ खास भूमि बताते हुए आशंका जताई है कि पंडाल लगाने की आड़
में सरकारी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा सकता है। इस दावे की पुष्टि के लिए
राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की जांच आवश्यक होगी। स्थानीय लोगों ने
उपायुक्त से नाली को बंद होने से रोकने, मोहल्लों की जलनिकासी व्यवस्था सुरक्षित रखने, जमीन पर अतिक्रमण के आरोपों की जांच
कराने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में कार्रवाई करने का अनुरोध किया
है। आवेदन की प्रतिलिपि
पुलिस अधीक्षक, सदर
अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित
थाना प्रभारी, वन
विभाग के अधिकारियों और अन्य संबंधित पदाधिकारियों को भी भेजे जाने का उल्लेख है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ताओं की ओर से
लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव या उनके पक्ष
का जवाब तथा जिला प्रशासन की जांच संबंधी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। जमीन
के स्वामित्व, नाली
को नुकसान पहुंचाने और पेड़ों को उखाड़ने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित
विभागों की जांच के बाद ही हो सकेगी।जेसीबी से नाली
तोड़ने का प्रयास करने का आरोप
जमीन पर पंडाल लगाने
को लेकर विवाद
पेड़ों को नुकसान
पहुंचाने का भी आरोप
डीसी से जलनिकासी और
जमीन की जांच कराने की मांग














