गुमला/कामडारा: 29 ओबीसी सदस्यों पर धारा 126 लगाए जाने के मामले को लेकर पिछड़ा वर्ग समाज में नाराजगी है। इस मुद्दे पर चंदा टोली में श्री उदासन नाग की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के अधिकारों, वर्तमान स्थिति और हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से इसे वापस लेने की मांग की।

पुलिस कार्रवाई को बताया मनमाना

बैठक में कामडारा थाना की ओर से क्षेत्र के 29 ओबीसी समुदाय के सदस्यों पर धारा 126 लगाए जाने के मामले पर असंतोष व्यक्त किया गया। उपस्थित सदस्यों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई निराधार और मनमानी है तथा इससे समाज के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में वक्ताओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने और कार्रवाई के आधार को स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, पुलिस प्रशासन का पक्ष और कार्रवाई के कारणों से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

25 अक्टूबर को रौनियार भवन में होगी बैठक

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 25 अक्टूबर को सुबह 11 बजे गुमला के रौनियार भवन में महा-समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें 5, 6 और 7 अक्टूबर को आयोजित तीन दिवसीय ओबीसी कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, समाज के आगे के कार्यक्रमों और रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे श्री उदासन नाग सहित अन्य वक्ताओं ने समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से निर्धारित समय पर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बैठक में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से समाज के मुद्दों पर सामूहिक रूप से चर्चा की जा सकेगी।

बैठक में कई सामाजिक सदस्य रहे मौजूद

चंदा टोली में आयोजित बैठक में राजू नाग, अरविन्द ओहदार, दिलीप साहू, बिनोद साहू, मोहन ओहदार, मोतीलाल ओहदार, प्रदीप ओहदार, संदीप ओहदार, भुनेश्वर साहू, मंजीत ओहदार, बहादुर साहू, पापु ओहदार, चतुरवेदी ओहदार और सुधीर ओहदार सहित कई सामाजिक सदस्य उपस्थित रहे।

इसके अलावा केंद्रीय मुख्य संरक्षक जगदीश साहू और अहीर सेना के सचिव देव नारायण यादव भी बैठक में शामिल हुए।

अब 25 अक्टूबर को होने वाली महा-समीक्षा बैठक में ओबीसी समाज की ओर से आगे की रणनीति को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।