बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में अंकिता कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतका के मायके वालों ने उसके पति मोहम्मद आरजू और ससुराल के अन्य सदस्यों पर दहेज की मांग, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

घटना बलिया थाना क्षेत्र के बड़ी बलिया गांव की बताई जा रही है। मृतका की मां द्रौपदी देवी की शिकायत के अनुसार, अंकिता और मोहम्मद आरजू के बीच वर्ष 2021 में प्रेम विवाह हुआ था। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे थे। इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

2021 में घर से जाकर की थी शादी

जानकारी के अनुसार, मुंगेर जिले की रहने वाली अंकिता कुमारी ने वर्ष 2021 में बड़ी बलिया वार्ड संख्या-1 निवासी स्वर्गीय मोहम्मद असलम के पुत्र मोहम्मद आरजू के साथ घर से जाकर शादी की थी। शादी के बाद अंकिता के परिजनों ने मुंगेर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया जाता है कि दोनों के बालिग होने के बाद अदालत ने उन्हें साथ रहने की सहमति दी थी।

वर्ष 2023 में अंकिता ने एक बच्ची को जन्म दिया। मृतका के परिजनों का आरोप है कि इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। उनका कहना है कि अंकिता अपने हिंदू धर्म को मानती थी, जबकि उसका पति मुस्लिम धर्म का पालन करता था।

दहेज और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप

मृतका की मां द्रौपदी देवी ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद अंकिता के पति और ससुराल के अन्य सदस्य उससे दहेज में रुपये की मांग करने लगे थे। शिकायत के मुताबिक, अंकिता पर धर्म परिवर्तन करने के लिए भी दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी नहीं होने पर उसे कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता था।

परिजनों के अनुसार, पहले भी विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया गया था, जिसके बाद अंकिता अपने पति के साथ रहने लगी थी। हालांकि, मां का आरोप है कि इसके बाद भी उसे प्रताड़ित किया जाता रहा।

दुर्गा पूजा के लिए मंदिर जाने की बात पर मारपीट का आरोप

द्रौपदी देवी के मुताबिक, 19 अक्टूबर को अंकिता ने अपने पति से दशहरा के अवसर पर मां दुर्गा की पूजा करने के लिए बड़ी बलिया स्थित दुर्गा मंदिर ले जाने को कहा था। आरोप है कि इस बात पर मोहम्मद आरजू ने अंकिता के साथ मारपीट की।

मृतका की मां का कहना है कि पिटाई के बाद अंकिता ने फोन कर उन्हें अपने मायके ले जाने के लिए कहा था। उनके अनुसार, रात करीब 11 बजे बेटी से बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 2 बजे मोहम्मद आरजू ने अंकिता की मौत की सूचना देते हुए उसके फांसी लगाने की बात कही।

पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

घटना के बाद 20 अक्टूबर को अंकिता के परिजन बड़ी बलिया पहुंचे। इसके बाद बलिया थाना में मोहम्मद आरजू, उसके भाई, भाई की पत्नी, ननद समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शिकायत में दहेज की मांग, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार के अनुसार, द्रौपदी देवी की शिकायत पर 20 अक्टूबर को बलिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में प्रेम विवाह के बाद दहेज और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने तथा गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया गया है।

डीएसपी ने बताया कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

फिलहाल, अंकिता की मौत के मामले में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष अहम होंगे। आरोपों की पुष्टि होने और जिम्मेदारी तय होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।