डीवीसी विस्थापितों को एक साल बाद भी नहीं मिला CSR योजना का लाभ,जल्द काम शुरू करने की मांग
जामताड़ा: जामताड़ा जिले के डीवीसी विस्थापित
क्षेत्रों में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR)
योजना का लाभ अब तक नहीं
पहुंचने को लेकर दामोदर वैली वास्तुहारा मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों ने नाराजगी
जताई है। समिति ने आरोप लगाया कि योजना के उद्घाटन के एक साल से अधिक समय बीत जाने
के बावजूद विस्थापित इलाकों में इसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। मंगलवार को तालबेड़िया गांव स्थित समिति
के अस्थायी कार्यालय में आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के
जिला अध्यक्ष रोबिन मिर्धी ने की। बैठक में
डीवीसी विस्थापितों की समस्याओं और CSR योजना की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। समिति के जिला अध्यक्ष रोबिन मिर्धी ने
बताया कि डीवीसी की CSR योजना
का उद्घाटन 30 अगस्त 2025 को केलाही गांव में सिदो-कान्हू की
प्रतिमा के समक्ष किया गया था। इस दौरान पूर्व सांसद फुरकान अंसारी और डीवीसी के अधिकारी
मौजूद थे। समिति का कहना है कि उद्घाटन के बाद अब
एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन
विस्थापित क्षेत्रों में CSR योजना
के तहत मूलभूत सुविधाओं से जुड़ा कोई ठोस कार्य धरातल पर दिखाई नहीं
दे रहा है। रोबिन मिर्धी के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान CSR योजना का संचालन पंचायत स्तर पर मुखिया के माध्यम से किए जाने की बात कही
गई थी। समिति की पहल पर डीवीसी अधिकारियों और संबंधित मुखियाओं के बीच बैठक भी
कराई गई थी। इसके बावजूद विस्थापित परिवारों को
योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। इसे लेकर बैठक में समिति के सदस्यों ने रोष
जताते हुए योजना को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की। बैठक में समिति ने मांग की कि CSR
योजना में तेजी लाकर विस्थापित
क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े जरूरी कार्य
शुरू किए जाएं। समिति ने संबंधित पंचायतों के मुखियाओं
से भी योजना को लेकर तत्काल पहल करने की अपील की, ताकि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद
विस्थापित परिवारों तक पहुंच सके। समिति ने विस्थापित परिवारों को CSR
योजना के नाम पर किसी भी बिचौलिये
या दलाल के चक्कर में नहीं पड़ने की सलाह दी। समिति का कहना है कि
योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से वास्तविक लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। बैठक में जामताड़ा के डीवीसी विस्थापित
क्षेत्र में सोलर प्लांट लगाए जाने की चर्चा
का मुद्दा भी उठा।
समिति ने कहा कि यदि सोलर प्लांट लगाने का प्रस्ताव वास्तव में सामने आया है,
तो इसमें विस्थापित परिवारों के लिए
रोजगार की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए। समिति ने मांग की कि सोलर प्लांट में विस्थापित
परिवारों को शत-प्रतिशत रोजगार देने की गारंटी सुनिश्चित की जाए, ताकि परियोजना से प्रभावित परिवारों को
रोजगार का सीधा लाभ मिल सके। बैठक में समिति के उपाध्यक्ष दिनबंधु
पंडित, गोपाल
पंडित, प्रमोद पंडित,
लखीराम कोल, उमा पंडित, दिनेश हांसदा, कमल पंडित समेत बड़ी संख्या में
विस्थापित मौजूद रहे। समिति
ने एक बार फिर डीवीसी और संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों से CSR योजना को जल्द धरातल पर उतारने तथा
विस्थापित क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करने की मांग की।एक
साल पहले हुआ था CSR योजना
का उद्घाटन
पंचायत
स्तर पर योजना चलाने की बनी थी बात
विस्थापित
क्षेत्रों में जल्द शुरू हों विकास कार्य
बिचौलियों
से सावधान रहने की अपील
सोलर
प्लांट में विस्थापितों को रोजगार की मांग
बैठक
में कई विस्थापित रहे मौजूद















