जामताड़ा के मिहिजाम स्थित पानी टंकी के समीप जिला परिषद जामताड़ा की भूमि पर निर्मित 20 नई दुकानों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्ष 2024 में आवेदन करने वाले आवेदकों ने उपायुक्त जामताड़ा को संयुक्त आवेदन सौंपकर दुकानों के आवंटन में पूर्व निर्धारित नियमों का पालन करने तथा हाल ही में जारी नए विज्ञापन को रद्द करने की मांग की है।

आवेदकों के अनुसार जिला परिषद द्वारा 20 जुलाई 2024 को विज्ञापन संख्या पीआर 330019 रूरल डेवलपमेंट (24-25) डी जारी कर 20 दुकानों के आवंटन हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त 2024 निर्धारित की गई थी। इस दौरान कुल 12 लोगों ने निर्धारित शुल्क एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया था।

आवेदनकर्ताओं का कहना है कि विज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख था कि उपलब्ध दुकानों की संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में ही लॉटरी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। चूंकि पहले चरण में 20 दुकानों के मुकाबले केवल 12 आवेदन प्राप्त हुए थे  इसलिए नियमों के अनुसार सभी पात्र आवेदकों को सीधे दुकान आवंटित किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और मामला लंबित छोड़ दिया गया।

इसके बाद शेष बची 8 दुकानों के लिए 9 अगस्त 2024 को विज्ञापन संख्या पीआर 332179 रूरल डेवलपमेंट (24-25) डी जारी कर पुन आवेदन आमंत्रित किए गए। आवेदकों का दावा है कि दूसरे चरण की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी और नियमानुसार लॉटरी या आवंटन प्रक्रिया संपन्न की जानी चाहिए थी।

आवेदनकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि लगभग दो वर्ष बाद  जब दुकानों का निर्माण कार्य पूर्ण होने के करीब पहुंच गया  तब जिला परिषद ने 20 मई 2026 को विज्ञापन संख्या पीआर 380120 डिस्ट्रिक्ट (26-27) डी जारी कर उन्हीं दुकानों के लिए नए सिरे से आवेदन आमंत्रित कर दिए।

पुराने आवेदकों का कहना है कि उन्होंने निर्धारित नियमों के तहत आवेदन और बैंक ड्राफ्ट जमा किए थे। इसके बावजूद उनके आवेदनों पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और बिना स्पष्ट कारण बताए नई प्रक्रिया शुरू कर दी गई जिससे उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

आवेदकों ने उपायुक्त से मांग की है कि वर्ष 2024 में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर पूर्व प्रकाशित विज्ञापनों की शर्तों के अनुरूप दुकानों का आवंटन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही नए विज्ञापन की निष्पक्ष जांच कराए जाने तक वर्तमान प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर इसे निरस्त किया जाए।

आवेदनकर्ताओं का कहना है कि वे केवल पारदर्शी  न्यायसंगत और नियमसम्मत आवंटन चाहते हैं  ताकि पहले आवेदन करने वाले लोगों के हितों की रक्षा हो सके। अब इस मामले में जिला प्रशासन के अगले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में किशुन शर्मा  दानिश रहमान राजकिशोर संजय शर्मा  काजल राय चौधरी समेत अन्य आवेदक शामिल हैं।