हरदोई (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। बीमार मासूम बच्चे को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाते समय सरकारी एंबुलेंस स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस कर्मियों द्वारा ऑक्सीजन देने के दौरान कथित रूप से गलत तरीके से पाइप लगाने के बाद बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई और रास्ते में उसकी मौत हो गई।

परिजनों के आरोपों के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

लखनऊ रेफर किया गया था बच्चा

जानकारी के अनुसार, बच्चा पहले से बीमार था और डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया था। परिजनों के मुताबिक, एंबुलेंस में सफर के दौरान स्टाफ ने बच्चे के मुंह में ऑक्सीजन पाइप लगाया, जिसके बाद उसका शरीर फूलने लगा और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई।

हालांकि, ऑक्सीजन देने की प्रक्रिया और मौत के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मासूम की मौत के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि एंबुलेंस स्टाफ की लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कर दोषी कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कर सकते हैं जांच

घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर है। प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत का वास्तविक कारण क्या था और किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी एंबुलेंस सेवाओं, इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में प्रशिक्षित स्टाफ और तय प्रोटोकॉल का पालन मरीजों की सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है।