नई दिल्ली: अगर आप रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें जैसे चाय, नमक और दाल खरीदते हैं, तो आने वाले दिनों में आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (TCPL) ने संकेत दिए हैं कि कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण कंपनी अपने कई उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है।
कंपनी का कहना है कि यदि उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि होती रही, तो मुनाफे को बनाए रखने के लिए कीमतों में बदलाव करना आवश्यक हो सकता है। फिलहाल कंपनी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आगे का फैसला उसी के आधार पर लिया जाएगा।
क्यों बढ़ सकती हैं कीमतें?
कंपनी के अनुसार कई कारणों से उत्पादन लागत बढ़ रही है।
कच्चे माल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव से सप्लाई चेन प्रभावित।
मानसून में देरी के कारण चाय की पत्तियों की कीमत में इजाफा।
चाय की पत्तियों की लागत में करीब 7% से 10% तक बढ़ोतरी।
किन उत्पादों की कीमत बढ़ सकती है?
यदि लागत में राहत नहीं मिलती है, तो इन उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है—
टाटा टी (चाय)
टाटा सॉल्ट (नमक)
टाटा संपन्न दालें
अन्य पैकेज्ड फूड उत्पाद
कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन?
चालू तिमाही में कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा।
कुल राजस्व: 5,348.88 करोड़ रुपये
पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में करीब 12% की वृद्धि
शुद्ध मुनाफा बढ़कर 444.86 करोड़ रुपये, यानी लगभग 28% की बढ़ोतरी
क्या है कंपनी की आगे की रणनीति?
कंपनी ने हाल ही में चाय की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की है। अब अगले 15 से 30 दिनों तक बाजार और कच्चे माल की कीमतों पर नजर रखी जाएगी। यदि लागत में कमी नहीं आती है, तो चाय के साथ-साथ नमक, दाल और अन्य पैकेज्ड फूड उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी की जा सकती है।















