औरंगाबाद : NEET 2026 के परिणाम में चयन नहीं होने से निराश औरंगाबाद की छात्रा रंगोली प्राची घर से निकल गई। करीब 20 घंटे तक परेशान परिजन उसकी तलाश करते रहे। आखिरकार वाराणसी के एक मंदिर में छात्रा सुरक्षित मिली। मंदिर के पुजारी ने परिवार से संपर्क कर बेटी के सुरक्षित होने की जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।

जानकारी के अनुसार, नगर क्षेत्र के दुर्गा मंदिर मोहल्ला निवासी व्यवसायी पुन्नू अग्रवाल की बेटी रंगोली प्राची डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। परिवार के मुताबिक, उसने NEET परीक्षा के लिए कई महीनों तक मेहनत की थी और परीक्षा के बाद बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रही थी। लेकिन परिणाम में चयन नहीं होने के बाद वह काफी निराश हो गई।

बताया गया कि शुक्रवार तड़के करीब चार बजे, जब परिवार के सदस्य सो रहे थे, रंगोली चुपचाप घर से निकल गई। सुबह परिजनों ने उसका कमरा खाली देखा तो चिंता बढ़ गई। उसका मोबाइल फोन भी बंद बताया गया। इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के साथ उसकी तलाश शुरू की गई और पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई।

वाराणसी तक पहुंची तलाश

छात्रा की तलाश के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारियों के आधार पर उसके वाराणसी पहुंचने का पता चला। परिजन तत्काल वाराणसी पहुंचे और लगातार उसकी खोजबीन करते रहे।

इसी बीच काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के पास स्थित एक मंदिर के पुजारी ने परिवार से फोन पर संपर्क किया। पुजारी ने बताया कि रंगोली नाम की एक छात्रा उनके पास सुरक्षित है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मंदिर पहुंचे।

अपनी बेटी को सुरक्षित देखकर परिजन भावुक हो गए। रंगोली भी परिवार के सदस्यों को देखते ही रो पड़ी। करीब 20 घंटे की चिंता और तलाश के बाद बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार ने राहत महसूस की।

यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम को लेकर विद्यार्थियों पर पड़ने वाले मानसिक और भावनात्मक दबाव की ओर ध्यान खींचती है। परीक्षा में सफलता या असफलता जीवन का अंतिम फैसला नहीं होती। ऐसे समय में परिवार, शिक्षकों और करीबियों का संवाद और भावनात्मक सहयोग विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।