डीडी बार हत्याकांड में SIT को बड़ी सफलता, दो और आरोपी गिरफ्तार फरारी में इस्तेमाल स्कूटी बरामद
जमशेदपुर :बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के चर्चित डीडी
बार हत्याकांड की जांच कर रही विशेष अनुसंधान दल (SIT) को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने
मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही घटना के बाद मुख्य
आरोपियों के फरार होने और उन्हें छिपाने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई टीवीएस
एक्टिवा स्कूटी JH05EH-6474 भी
बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, इन
गिरफ्तारियों के बाद मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 14
हो गई है। बुधवार को आयोजित
प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026
के तहत दर्ज मामले की जांच के लिए वरीय
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। मामला 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे डीडी बार के समीप हुई वारदात से
जुड़ा है। पुलिस के अनुसार,
एसआईटी लगातार सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य, मानवीय सूचना और अन्य उपलब्ध सबूतों के
आधार पर मामले की जांच कर रही है। फरार आरोपियों की तलाश में चलाए जा रहे अभियान
के दौरान पुलिस ने राघवेंद्र कुमार उर्फ रविंद्र उर्फ घेरे (40) और गणेश मछुवा (34) को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि
पूछताछ के दौरान गणेश मछुवा की निशानदेही पर एक टीवीएस एक्टिवा स्कूटी बरामद की
गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस
स्कूटी का इस्तेमाल वारदात के बाद आरोपियों के फरार होने में किया गया था। पुलिस
इस बरामदगी को जांच की एक अहम कड़ी मान रही है। जांच में पुलिस को यह
भी पता चला है कि गणेश मछुवा ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे विश्वनाथ
मंडल उर्फ बोदरा, राहुल
दुबे और राघवेंद्र उर्फ घेरे को घटना के बाद कथित तौर पर छिपाने और फरार होने में
मदद की थी। पुलिस रिकॉर्ड के
मुताबिक, गणेश मछुवा का पूर्व
में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह अवैध शराब की खरीद-बिक्री से जुड़े मामलों में
दो बार जेल जा चुका है। सिटी एसपी ललित मीणा
ने बताया कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की
छापेमारी लगातार जारी है। एसआईटी वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार
पर मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि
हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश
करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले से जुड़े सभी आरोपियों की भूमिका की जांच
करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।















