रांची में सड़क सुरक्षा का अनोखा अभियान: 600-700 बिना हेलमेट चालकों को समझाया, माला पहनाकर दिया सुरक्षित सफर का संदेश
रांची: सड़क पर आपकी एक छोटी-सी लापरवाही पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकती है। इसी संदेश के साथ परिवहन विभाग ने रांची के ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया। दलादली चौक, तिलता चौक और ओरमांझी समेत विभिन्न स्थानों पर वाहन चालकों और आम लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 600 से 700 बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को जागरूक किया गया। परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन की उपस्थिति में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाकर सड़क दुर्घटनाओं को कम करना था। इस दौरान नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सड़क सुरक्षा की शपथ और निःशुल्क हेलमेट वितरण जैसे प्रयासों के जरिए सुरक्षित यातायात का संदेश दिया गया। परिवहन सचिव राजीव रंजन ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और नागरिकों के जीवन की रक्षा करना सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों में नागरिक चेतना विकसित करना जरूरी है, ताकि यातायात नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बनें। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि सड़क सुरक्षा को केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी न समझें। हर नागरिक को अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार व्यवहार अपनाना चाहिए। अभियान के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले करीब 600-700 लोगों को जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने और जान जाने के जोखिम को कम करने वाला महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा में गाड़ी चलाने, यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अभियान के दौरान निःशुल्क हेलमेट और सड़क सुरक्षा से संबंधित पंपलेट भी वितरित किए गए। अभियान का खास अंदाज लोगों का ध्यान खींचने वाला रहा। वाहन चालकों को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर सुरक्षित यातायात अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। अभियान का मकसद केवल उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को समझाकर सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी भागीदारी बढ़ाना था। लोगों को जागरूक करने के लिए कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें हेलमेट नहीं पहनने, तेज गति से वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने के खतरों को दिखाया गया। नाटक में यमराज के पात्र के जरिए लापरवाही से वाहन चलाने वालों को प्रतीकात्मक और रोचक तरीके से समझाया गया कि सड़क पर छोटी-सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आम लोगों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की कोशिश की गई। अभियान के दौरान सड़क किनारे दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को भी जागरूक किया गया। उन्हें दुकानों का सामान सड़क तक फैलाने, फुटपाथ पर कब्जा करने और बड़े वाहनों को अनियमित तरीके से खड़ा करने से होने वाली परेशानियों के बारे में बताया गया। परिवहन विभाग ने लोगों से सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमणमुक्त रखने तथा वाहनों को उचित स्थान पर पार्क करने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, सड़क पर अनावश्यक बाधाएं यातायात को प्रभावित करने के साथ दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे अभियान आगे भी जारी रखने पर जोर दिया है। लक्ष्य है कि लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़े, यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी विकसित हो और अवैध पार्किंग व अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर अंकुश लगे। कार्यक्रम में रांची के जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, मोटर वाहन निरीक्षक राहुल सिद्धार्थ, आईटी असिस्टेंट कविता कुमारी, सड़क सुरक्षा अभियंता गौरव कुमार और अभय कुमार, सड़क सुरक्षा मित्र आशुतोष द्विवेदी तथा ट्रैफिक पुलिस के जवानों सहित परिवहन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।‘सड़क सुरक्षा, सबकी जिम्मेदारी’
बिना हेलमेट वालों को समझाई गई सुरक्षा की अहमियत
माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर दिया संदेश
यमराज के किरदार से समझाई गई लापरवाही की कीमत
सड़क पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से बचने की अपील
आगे भी जारी रहेंगे जागरूकता अभियान















