पुणे: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया। यह सम्मान लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की 106वीं पुण्यतिथि के अवसर पर तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

अजीत डोभाल को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र, आतंकवाद विरोधी अभियानों और रणनीतिक नीति निर्माण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया। पुरस्कार के तहत उन्हें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और नकद राशि प्रदान की गई।

समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद

इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अमित शाह ने तिलक और डोभाल की भूमिका को सराहा

समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को "युगपुरुष" बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी और "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" का नारा देकर देशवासियों में स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाई।

अमित शाह ने अजीत डोभाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जब भी भारत के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा इतिहास का आकलन किया जाएगा, उसमें डोभाल के योगदान के लिए एक "सुनहरा पृष्ठ" अवश्य होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में सरकार बनने के बाद अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया था। शाह के अनुसार, डोभाल के नेतृत्व और रणनीतिक सोच ने भारत की विदेश और सुरक्षा नीति को नई मजबूती प्रदान की है।

गृह मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि गुजरात में अपने कार्यकाल के दौरान डोभाल के सुझावों और रणनीतियों से कई महत्वपूर्ण बम धमाकों के मामलों की जांच में सफलता मिली थी।

1983 से दिया जा रहा है यह सम्मान

लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1983 में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट ने की थी। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष 1 अगस्त को उन व्यक्तित्वों को दिया जाता है, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण, विकास और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

अजीत डोभाल देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों में शामिल हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

यह पुरस्कार देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान और समाज की कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है।