जामताड़ा: बैंक ऑफ इंडिया (BOI) की मिहिजाम शाखा से किसानों के नाम पर कथित रूप से फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण स्वीकृत करने और बाद में कुर्की-जब्ती का नोटिस भेजने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़ित ग्रामीणों की शिकायत पर मिहिजाम थाना पुलिस ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और दो ग्राहक सेवा केंद्र (CSP) संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मिहिजाम थाना कांड संख्या 51/2026 दिनांक 31 जुलाई 2026 को दर्ज किया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर गुलशन कुमार सिंह कर रहे हैं।
दस्तावेज जमा किए, लेकिन नहीं मिली ऋण राशि
आसनचुआं (उदलबनी पंचायत) निवासी सुरेश प्रसाद महतो (54 वर्ष) ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2020-21 में उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के सीएसपी संचालक विमल चंद्र महतो के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए थे। उनके साथ आसपास के गांवों के करीब 25 अन्य ग्रामीणों ने भी ऋण के लिए आवेदन किया था।
ग्रामीणों का कहना है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक की ओर से जल्द ऋण स्वीकृत होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन उन्हें न तो किसी KCC खाते की जानकारी दी गई और न ही ऋण की राशि मिली।
अचानक पहुंचने लगे वसूली और कुर्की के नोटिस
ग्रामीणों के अनुसार, 6 जुलाई 2024 से बैंक की ओर से उनके घरों पर ऋण वसूली के नोटिस भेजे जाने लगे। नोटिस में अलग-अलग लोगों के नाम पर 56 हजार, 60 हजार और 70 हजार रुपये तक का बकाया दर्शाया गया। साथ ही राशि जमा नहीं करने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
पीड़ितों का आरोप है कि जिस ऋण की राशि उन्हें कभी प्राप्त ही नहीं हुई, उसी की वसूली के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं।
तीन लोगों पर प्राथमिकी, जांच शुरू
ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर मिहिजाम थाना पुलिस ने बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और दो सीएसपी संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
पुलिस ने क्या कहा?
मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।















